भिंड। उत्तर प्रदेश की सीमा से सटी अटेर विधानसभा से मिथक जुड़ा है कि यहां से कोई भी व्यक्ति लगातार दो बार विधायक का चुनाव नहीं जीता। हां, पार्टी जरूर लगातार 2 बार जीती है। 1980 में कांग्रेस से परशुराम भदौरिया और 1985 में कांग्रेस से सत्यदेव कटारे जीते। 2013 में कांग्रेस से सत्यदेव कटारे और उनके निधन के बाद 2017 के उपचुनाव में कांग्रेस से उनके बेटे हेमंत कटारे जीते। 1952 से 2017 के उपचुनाव सहित अटेर में 15 बार हुए विधानसभा चुनाव में 9 बार कांग्रेस, 3 बार भाजपा, 2 बार बीएसपी और 1 बार जनता पार्टी जीती।
अटेर में भाजपा भितरघात का शिकार होती है। अटेर में भाजपा के पास प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक डॉ अरविंद भदौरिया, दो बार के पूर्व विधायक बीज निगम उपाध्यक्ष मुन्ना सिंह भदौरिया, संभागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ जैसे कद्दावर नेता हैं, लेकिन भाजपा की यही मजबूती चुनाव में कमजोरी बनती है। संगठन की तमाम कोशिशों के बावजूद नेताओं के समर्थक खेमों में बंटते हैं। वर्ष 2013 का चुनाव और 2017 के उपचुनाव में भाजपा की हार का बड़ा कारण भितरघात है। दिग्गजों में समन्वय करना बड़े नेताओं के लिए चुनौती साबित हो रहा है।
जातीय समीकरण
ठाकुर (भदौरिया), ब्राह्मण मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। नरवरिया, कुशवाह, बघेल, अजा, मुस्लिम मतदाताओं का प्रभाव रहता है।
कुल मतदाता : 2, 13, 726
मतदान केंद्र : 288
पुरुष मतदाता : 120259
महिला मतदाता : 93465
थर्ड जेंडर : 02
2018 में संभावित प्रत्याशी
भाजपा : डॉ अरविंद भदौरिया (पूर्व विधायक), मुन्ना सिंह भदौरिया (उपाध्यक्ष, बीज निगम), शैलेंद्र बरुआ (संगठन मंत्री)
कांग्रेस : हेमंत कटारे (विधायक), आशीष समाधिया, मनोज दैपुरिया, डॉ. तरुण शर्मा।
बसपा और सपा भाजपा व कांग्रेस के असंतुष्टों के भरोसे रहती हैं।
क्षेत्र की बड़ी समस्याएं
बेरोजगारी, गांवों तक स्मैक, गांजा और अवैध शराब का कारोबार बड़ी समस्या। फूफ में बस स्टैंड नहीं है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अटेर पिछड़ा है। अधिकारी अटेर में नहीं रुकते हैं। इससे लोगों को अपने काम करवाने के लिए भिंड तक जाना पड़ता है। प्रशासनिक चुस्ती की कमी है।
पांच बड़े वादे और स्थिति
सेना भर्ती से रोक हटवाना, फूफ में कॉलेज भवन बनवाने, अटेर में चंबल नदी के पुल के काम को गति दिलाने, मघेरा, दिन्न्पुरा और नखनौली मढ़ैयन में बिजली देने व मुरलीपुरा मार्ग का रुका काम चालू कराने का वादा। अटेर में पुल निर्माण काम जारी है। सड़क निर्माण चल रहा है। फूफ में कॉलेज भवन मंजूर हो चुका है।
भाजपा मजबूत लेकिन अंतर्कलह बना बड़ी चुनौती
भाजपा सत्ताधारी पार्टी होने के नाते मजबूत स्थिति में है। विधायक हेमंत कटारे की स्थिति दुष्कर्म और अपहरण का आरोप लगने से कमजोर हुई लेकिन आरोप लगाने वाली युवती ने कहा कि उसने राजनीतिक प्रभाव में झूठे आरोप लगाए थे। उसने अरविंद भदौरिया पर ही आरोप लगा दिया। इससे कटारे की स्थिति सुधरी है। वे कांग्रेस से टिकट के प्रमुख दावेदार अब भी हैं। क्षेत्र से कई कद्दावर नेता होने के कारण चुनाव के समय भाजपा में अंतर्कलह और भितरघात सामने आना तय है।
आमने-सामने

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