भिंड विधानसभा सीट का अपना अलग मिजाज है। यहां वर्ष 2003 से कोई भी पार्टी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीती। वर्ष 2003 में भाजपा के नरेंद्र सिंह कुशवाह विधायक बने तो वर्ष 2008 में कांग्रेस के चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी विधायक चुने गए। 2013 के चुनाव में मतदाताओं ने फिर भाजपा से नरेंद्र सिंह कुशवाह को विधानसभा भेजा। बसपा के संजीव कुशवाह संजू दूसरे नंबर पर रहे थे और कांग्रेस को तीसरे नंबर पर संतुष्टि करना पड़ी थी। 2018 के चुनाव में भाजपा, बसपा और कांग्रेस में मुकाबला है।
प्रदेश सरकार के प्रति एंटी इंकंबेंसी का असर चुनाव में रहेगा। पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह के चुनाव लड़ने की घोषणा से भाजपा में टिकट के लिए मैराथन होगी। चौधरी राकेश सिंह के चुनाव मैदान में आने से भाजपा, कांग्रेस और बसपा तीनों ही दलों के समीकरण बदलेंगे। 1972 में कांग्रेस से नवीनचंद्र भूता के बाद से भिंड विधानसभा सीट क्षत्रिय या ब्राह्मण समाज के पास ही रही है।
कांग्रेस में जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश दुबे टिकट के लिए जोर लगा सकते हैं। भाजपा यदि चौधरी राकेश सिंह को टिकट देती है तो कांग्रेस क्षत्रिय समाज से किसी प्रत्याशी को मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस किसी असंतुष्ट पर भी दांव लगा सकती है। जबकि बसपा के पास संजीव सिंह कुशवाह का विकल्प नहीं है।
कुल मतदाता : 251295
मतदान केंद्र : 295
पुरुष मतदाता : 139811
महिला मतदाता : 111484
जातीय समीकरण
ठाकुर (कुशवाह), ओबीसी, ब्राह्मण मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं। जैन समाज और मुस्लिम समाज के मतदाताओं का प्रभाव रहता है।
2018 में संभावित प्रत्याशी
भाजपा : नरेंद्र सिंह कुशवाह (विधायक), चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी, रवि सेन जैन
कांग्रेस : डॉ. रमेश दुबे (जिलाध्यक्ष), डॉ. राधेश्याम शर्मा, रंजीत सिंह कुशवाह, हरवीर सिंह कुशवाह
बसपा : संजीव सिंह कुशवाह
क्षेत्र की बड़ी समस्याएं
बेरोजगारी और पेयजल बड़ी समस्याएं हैं। स्मैक, गांजा और अवैध शराब का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। सीएम की घोषणा के बावजूद सैनिक स्कूल नहीं मिला। नया बायपास नहीं होने से आए दिन हादसे हो रहे हैं।
पांच बड़े वादे और स्थिति
शहर में अटेर रोड का निर्माण, गौरी सरोवर का सौंदर्यीकरण, सीवर प्रोजेक्ट, गौरी सरोवर पुल, हिलगवां और टेहनगुर पुल बनवाना, ये मुख्य पांच वादे चुनाव में किए गए थे। विधायक का कहना है अटेर रोड बन चुकी है। शेष वादों पर काम चालू है। हिलगवां-टेहनगुर के बीच पुल स्वीकृत हो चुका है।
भाजपा मजबूत लेकिन उम्मीदवारी को लेकर होगा घमासान
सत्ताधारी पार्टी होने के नाते भाजपा मजबूत स्थिति में है। विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह टिकट के प्रबल दावेदार हैं। टिकट के लिए उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी होंगे। भाजपा के सामने पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजीव सिंह कुशवाह बड़ी चुनौती हैं। वे पिछले चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे थे। कांग्रेस में टिकट के लिए जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश दुबे और पिछली बार तीसरे नंबर पर रहे डॉ. राधेश्याम शर्मा ही मुख्य दावेदार हैं।

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