ग्वालियर। 2008 तक ग्रामीण क्षेत्र बाहुल्य इस विधानसभा सीट को मुरार विधानसभा क्षेत्र के नाम से जाना जाता था। पिछले चुनाव में ही इसका नाम ग्वालियर ग्रामीण हुआ है। मूल रूप से यहां पकड़ भाजपा की रही है, बीच-बीच में जनता ने बदलाव कर जता दिया है कि एकाधिकार किसी का नहीं है। बदले हालातों में यहां जीत-हार का फैसला जातीय समीकरण पर ज्यादा निर्भर हो गया है। कुशवाह और जाटव बाहुल्य सीट पर 2008 में बसपा ने मदन सिंह कुशवाह को मैदान में उतारकर कुशवाह व जाटव वोटरों के बलबूते सीट अपने नाम कर ली थी।
2013 में भाजपा ने कुशवाह प्रत्याशी को मैदान में उतारकर अपने परंपरागत वोट के साथ कुशवाह समाज के वोटरों को वापस खींच कर सीट पर कब्जा कर लिया। मौजूदा स्थिति में भाजपा विधायक भारत सिंह की स्थिति मजबूत है। केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से निकटता के चलते वे अपनी विधानसभा में लगभग 1450 करोड़ के काम स्वीकृत कराने में कामयाब रहे। इतने काम पार्टी के तीन अन्य विधायक (मंत्री भी हैं) बिना किसी बड़ी योजना के स्वीकृत नहीं करा पाए हैं।
फैक्ट फाइल
2013 चुनाव का परिणाम
भारत सिंह कुशवाह (भाजपा) -47944
रामसेवक सिंह बाबूजी (कांग्रेस) - 36006
मदन कुशवाह (बसपा) - 16191
पिछले दो चुनावों का हाल
पार्टी- 2008- 2003
भाजपा - 22.03 - 26.63
कांग्रेस - 20.70- 14.69
बसपा - 32.90- 16.27
(वोट प्रतिशत में )
जातीय समीकरण: 35-40 हजार कुशवाह, 25 हजार जाटव, 20 हजार गुर्जर, 15 हजार बघेल, 8-10 हजार ब्राह्मण, 8-10 हजार यादव वोटर है। शेष में अन्य जातियां के वोटर हैं। मूल रूप से कुशवाह समाज का वर्चस्व है।
2018 में संभावित प्रत्याशी
भाजपा : भारत सिंह कुशवाह, महेन्द्र सिंह यादव, ध्यानेन्द्र सिंह ।
कांग्रेस: रामसेवक सिंह बाबूजी, अशोक सिंह, साहब सिंह गुर्जर, कल्याण सिंह कंसाना,मदन कुशवाह ।
आज की स्थिति में बड़ी समस्या
लगातार अवर्षा के कारण क्षेत्र का जल स्तर तेजी से गिरा है। कई स्थानों पर 400 से 500 फीट गहरे बोरवैल से भी पानी नहीं निकल रहा है। पेजयल संकट के स्थाई समाधान का कोई हल नहीं खोजा गया है। क्षेत्र में एक भी सरकारी कॉलेज नहीं है। बरोजगारी के कारण यहां के लोग शहरी क्षेत्र में मजदूरी,वर्षा आधारित खेती व पशुपालन पर । पशुपालन मुख्य धंधा है फिर भी इस क्षेत्र में पशुसंबर्द्धन के लिए कोई बड़ा काम नहीं हो सका है।
पांच बड़े वादे और स्थिति
1) मोहनपुर से बेहट होते हुए मौ रोड का निर्माण:-लगभग पूरा होने की स्थिति में
2) छावनी क्षेत्र का विकास:- प्रदेश सरकार से 18 करोड़ स्वीकृत, सिविल एरिया घोषित करने की प्रक्रिया जारी।
3) बड़ा गांव से चितोरा रोड:- टू लेन सड़क का 60 प्रतिशत काम पूरा।
4) पांच विद्युत उप केन्द्र की स्थापना:- 10 बनाए जा रहे हैं। आधे का काम लगभग पूरा।
5) खेती के लिए पानी- 96 गांवों को हरसी हाई लेवल कैनाल से जोड़ने की 300 करोड़ की योजना का काम लगभग पूरा।
वर्तमान मैदानी स्थिति
कांग्रेस प्रत्याशी रामसेबक बाबूजी पिछले चुनाव में भले ही यहां से दूसरे नंबर पर रहे, लेकिन चुनाव हारने के बाद से घर बैठ गए। यही स्थिति बसपा से तीसरे नंबर पर रहे मदन कुशवाह की रही। कांग्रेस से साहब सिंह गुर्जर जरूर इस बार टिकट की आस में जरूर हाथ-पैर मार रहे हैं। नेटवर्क बढ़ाने के लिए 26 अप्रैल से सिंधिया किसान जनसंदेश यात्रा निकाल रहे हैं। विरोधियों के इस हाल के बीच भाजपा के मौजूदा विधायक भारत सिंह कुशवाह सुदृड़ स्थिति में है। लगातार काम और संपर्क के सहारे वे अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रहे हैं।
आमने-सामने

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