मुरैना, दिमनी विधानसभा सीट पर बसपा से विधायक हैं। यह सीट भाजपा की परंपरागत मानी जाती है लेकिन पिछली बार मतदाताओं ने भाजपा से अपनी पसंद का उम्मीदवार न उतारे जाने से नाराजगी के कारण बसपा को जिता दिया था लेकिन विकास कार्य न होने से यहां के लोग अब बसपा से अंसतुष्ट हैं इसलिए उसके लिए इस चुनाव में मुश्किल हो सकती है। यहां पर इस बार टक्कर भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच में हो सकती है। दोनों ही दल तकरीबन बराबरी स्थिति में हैं। हालांकि कांग्रेस ने भी दो से अधिक बार इस सीट पर कब्जा किया है।
साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी चयन ठीक होने पर सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है। पिछले चुनाव में कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही थी और भाजपा तीसरे नंबर पर। हालांकि इस बार पर कांग्रेस इस सीट पर अपना उम्मीदवार चयन ठीक करती है तो बसपा व भाजपा दोनों के लिए मुश्किल होगी। हालांकि भाजपा की बूथ स्तर से तैयारी चल रही है लेकिन उम्मीदवार को लेकर उसके सामने मुश्किल है क्योंकि पार्टी में टिकट के दावेदार अधिक हैं। जिताऊ उम्मीदवार का चयन करना भाजपा के लिए चुनौती होगा। दो बार से शिवमंगल सिंह को उम्मीदवार बनाया गया। वे एक बार विधायक भी रहे हैं और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के करीब माने जाते हैं।
2018 में संभावित प्रत्याशी
भाजपा : शिवमंगल सिंह तोमर, अरुण तोमर (पूर्व अध्यक्ष, राज्य सहकारी संघ)
कांग्रेस : रविंद्र तोमर, मधुराज सिंह तोमर, ब्रजराज सिंह तोमर, गिर्राज डंडौतिया
बसपा: बलवीर सिंह, भीमसेन पहाड़िया
केंद्रीय मंत्री तोमर का प्रभाव दिला सकता है भाजपा को फायदा
दिमनी परपंरागत रूप से भाजपा की सीट रही है। बीच- बीच में कांग्रेस भी जीती है। पिछली बार बसपा प्रत्याशी जीता नहीं बल्कि लोगों के गुस्से ने भाजपा को हरा दिया। पिछले पांच साल में क्षेत्र में विकास कार्य न होने से लोग दोबारा से भाजपा की ओर जाते हुए दिख रहे हैं। दूसरे यहां पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का भी प्रभाव रहता है। यदि वे इसके लिए ठीक से सक्रिय हुए तो भाजपा को लाभ मिल सकता है।
क्षेत्र की बड़ी समस्याएं
क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने व नए उप स्वास्थ्य केंद्र खुलवाने का वादा बसपा ने किया था। लेकिन यह पूरा नहीं हुआ है। क्षेत्र में सड़कों की हालत खराब है। नई सड़कों का निर्माण नहीं हुआ है। पुरानी नलजल योजनाएं बंद हैं और नई शुरू नहीं हो पाई हैं।
पांच बड़े वादे और स्थिति
विधायक बलवीर सिंह ने दिमनी क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क व स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करवाने के वादे किए थे लेकिन क्षेत्र में वही काम हुए हैं, जो पहले से मंजूर थे। विधानसभा क्षेत्र में कोई नया काम शुरू नहीं हुआ। ऐसे में उनकी घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई हैं।
जातीय समीकरण
दिमनी में तोमर (राजपूत), अनुसूचित जाति व ब्राह्मण मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।
कुल मतदाता : 204591
मतदान केंद्र : 261
पुरुष मतदाता : 113709
महिला मतदाता : 90882

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