भोपाल। राजधानी भोपाल में नर्मदा लाओ आंदोलन के प्रणेता सर्राफा चौक निवासी श्री चंद्रमोहन अग्रवाल दादा का आज सुबह निधन हो गया। वह 73 वर्ष के थे तथा बीते साल गणतंत्र दिवस पर ध्वजारोहण के लिए कमलापार्क जाते समय एक सडक हादसे में घायल होने के बाद से ही गंभीर रूप से बीमार थे। श्री अग्रवाल ने भोपाल में जल समस्या निराकरण के लिए नर्मदा लाने की मांग को लेकर करीब 35 साल तक आंदोलन किया और अंततः मां नर्मदा ने उनकी पुकार सुनी ।
उनकी मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के प्रयासों से भोपालवासियों को नर्मदा जल प्राप्त हुआ। धार्मिक एवं दानी प्रवृति के श्री अग्रवाल ने कमला पार्क स्थित नागाबाबा समाधि स्थल एवं मुख्यमंत्री निवास के समीप बडी झील किनारे अनेक मंदिरों व प्याउ का निर्माण कराया। जन सेवा को लेकर यह उनका जुनून ही था कि मुख्यमंत्री निवास के समीप बनाई गई प्याउ में नल कनेक्शन नहीं मिलने तक वह अपने खर्च पर इसमें टैंकर से पेयजल डलवाते ताकि दूर दराज के इलाकों से मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वालों की प्यास बुझ सके। बडी झील किनारे शीतल दास की बगिया में मां नर्मदा की प्रतिमा स्थापित करवाई।
जहां प्रतिवर्ष नर्मदा जयंती पर हजारों श्रद्धालु पहंुचकर मां की आराधना करते हैं। भोपाल में नर्मदा पहुंचे इस कामना के साथ उन्होंने कमला पार्क मंदिर में द्वादश ज्योर्तिलिंग की प्रतिकृतियां स्थापित कराईं। मनोकामना पूरी होने पर इन शिवलिंगों की स्थापना शाहगंज के समीप नर्मदा परियोजना के उद्गम स्थल पर कराई गई। उन्होंने सर्राफा चौक समेत अनेक इलाकों में पौधरोपण भी कराया। जो आज वृक्ष बनकर उनकी स्मृतियों का ताजा कर रहे हैं। साधु-संतों की सेवा वह अपना परम कर्तव्य मानते थे।
श्यामला हिल्स स्थित श्री जगदीश मंदिर से निकाले जाने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा कार्यक्रम के वह लंबे समय तक संयोजक व सरंक्षक रहे। देश-विदेश की समस्याओं को लेकर भी वह चिंतित रहते थे। इसके चलते उन्होंने वर्ष 1973 में नागरिक कल्याण समिति गठित की। इसके बैनर तले उन्होंने समय-समय पर अनेक राजनायिकों को पत्र लिखकर उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया। उनका अंतिम संस्कार छोला विश्रामघाट पर आज किया जाएगा। जनप्रचार की ओर से मृतात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि।
उनकी मांग पर तत्कालीन मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती के प्रयासों से भोपालवासियों को नर्मदा जल प्राप्त हुआ। धार्मिक एवं दानी प्रवृति के श्री अग्रवाल ने कमला पार्क स्थित नागाबाबा समाधि स्थल एवं मुख्यमंत्री निवास के समीप बडी झील किनारे अनेक मंदिरों व प्याउ का निर्माण कराया। जन सेवा को लेकर यह उनका जुनून ही था कि मुख्यमंत्री निवास के समीप बनाई गई प्याउ में नल कनेक्शन नहीं मिलने तक वह अपने खर्च पर इसमें टैंकर से पेयजल डलवाते ताकि दूर दराज के इलाकों से मुख्यमंत्री निवास पहुंचने वालों की प्यास बुझ सके। बडी झील किनारे शीतल दास की बगिया में मां नर्मदा की प्रतिमा स्थापित करवाई।जहां प्रतिवर्ष नर्मदा जयंती पर हजारों श्रद्धालु पहंुचकर मां की आराधना करते हैं। भोपाल में नर्मदा पहुंचे इस कामना के साथ उन्होंने कमला पार्क मंदिर में द्वादश ज्योर्तिलिंग की प्रतिकृतियां स्थापित कराईं। मनोकामना पूरी होने पर इन शिवलिंगों की स्थापना शाहगंज के समीप नर्मदा परियोजना के उद्गम स्थल पर कराई गई। उन्होंने सर्राफा चौक समेत अनेक इलाकों में पौधरोपण भी कराया। जो आज वृक्ष बनकर उनकी स्मृतियों का ताजा कर रहे हैं। साधु-संतों की सेवा वह अपना परम कर्तव्य मानते थे।
श्यामला हिल्स स्थित श्री जगदीश मंदिर से निकाले जाने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा कार्यक्रम के वह लंबे समय तक संयोजक व सरंक्षक रहे। देश-विदेश की समस्याओं को लेकर भी वह चिंतित रहते थे। इसके चलते उन्होंने वर्ष 1973 में नागरिक कल्याण समिति गठित की। इसके बैनर तले उन्होंने समय-समय पर अनेक राजनायिकों को पत्र लिखकर उन्हें अपनी भावनाओं से अवगत कराया। उनका अंतिम संस्कार छोला विश्रामघाट पर आज किया जाएगा। जनप्रचार की ओर से मृतात्मा को विनम्र श्रद्धांजलि।

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