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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

रोटी का साइज़ 'स्केल से नापने' का मामलाः पति का कहना तो कुछ और ही है...

पुणे। हाल ही में पुणे के एक दंपत्ति का एक रोचक मामला सामने आया था,इसमें पीडित पत्नी ने अपने इंजीनियर व कथित तौर पर सनकी पति पर घर में प्रोटोकाल लागू करने व बीस सेमी. व्यास की रोटियां बनवाने व इनका पालन नहीं होने पर मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताडित करने का आरोप लगाया था.अपने तरह की इस अनोखी सनक की यह खबर मीडिया में सुर्खी  भी बनीं,लेकिन यहां पति का कहना तो कुछ और ही है.. 

पुणे में रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कोर्ट में तलाक़ की अर्जी दी है.
महिला का आरोप है कि उनके पति ने न सिर्फ़ 20 सेंटीमीटर की रोटी बनाने के लिए मजबूर किया बल्कि वो स्केल से उसे नापते भी थे. रोटी का साइज़ कम या ज़्यादा होने पर उन्हें सज़ा भुगतनी पड़ती थी. यही नहीं, उन्हें हर रोज़ के काम एक्सेल शीट में दर्ज करने पड़ते थे.


बीबीसी से बातचीत में पायल (बदला हुआ नाम) ने अपने पति अमित (बदला हुआ नाम) पर मारपीट करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ''खाना खाते वक़्त वो स्केल लेकर बैठता था. रोटी अगर 20 सेंटीमीटर से थोड़ी भी बड़ी या छोटी होती थी तो मुझे सजा मिलती थी.''

उन्होंने बताया कि एक्सेल शीट में उन्हें ये दर्ज करना पड़ता था कि कौन सा काम हुआ, कौन सा नहीं हुआ और कौन सा काम जारी है. काम पूरा न होने पर कारण भी लिखना पड़ता था. उसके लिए अलग से कॉलम बनाया गया था. बात करने के लिए ईमेल करके समय लेना पड़ता था.

'शादी की पहली रात से ही बुरा बर्ताव'
पायल और अमित की शादी जनवरी 2008 में हुई थी. उनकी एक बेटी भी है. पायल ने घरेलू हिंसा को वजह बताते हुए तलाक़ मांगा है. पायल ने कहा, ''शादी की पहली रात से लेकर 10 साल बाद तक, उसने मेरे साथ बुरा बर्ताव ही किया है. ये सब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो मैंने अलग होने का फ़ैसला लिया.''

उन्होंने बताया, ''शादी के बाद वो कहता था कि तुम अपने घर में रहो, मैं अपने घर में. जब मिलना हो तब आओ. वो कभी-कभी रात में बुलाता था मिलने बस. क्योंकि हम एक ही शहर में रहते थे. वो कहता था कि उसे कुछ समय में विदेश जाना है इसलिए वो मेरा साथ रहना अफोर्ड नहीं कर सकता.''

पायल ने एक घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, ''एक दिन गुस्से में उसने अपना डंबल कंप्यूटर पर पटक दिया. वो टूट गया. मुझे इतनी जोर से मारा कि मैं बेहोश हो गई. वो मुझे उठाकर बाथरूम ले गया और नल के नीचे बैठा दिया. मुझे जब होश आया तो उसने फिर मुझे पीटा. वहां मेरे कपड़े भी नहीं थे. उसने मुझे उसी हालत में घर से निकाल दिया. मैं गीले कपड़ों में अपने घर आई. इसके पहले तक मेरे मम्मी पापा को थोड़ी सी भनक थी, उस दिन सच पता चल गया.''

'सोशल मीडिया पर डाले गंदे पोस्ट'
पायल ने कहा, ''हर बार वो बदला लेने के नए तरीके खोजता था. उसने मेरा ऑरकुट अकाउंट हैक किया और उसमें गंदे-गंदे पोस्ट डाले कि मैं गंदी औरत हूं, अपने पति को परेशान करती हूं. मुझे इस सब का पता भी नहीं था. मेरे दोस्तों ने मम्मी को फ़ोन करके पूछा तब पता चला.''

वो कहती हैं, उसने मेरे फ़ेसबुक अकाउंट से भी दूसरों को मैसेज किए और मेरे कैरेक्टर पर सवाल उठाये. मेरे पास मेरे सोशल अकाउंट के पासवर्ड कभी नहीं रहे.


'पैसे कमाने का दबाव'
पायल ने यह भी आरोप लगाए हैं कि अमित ने उन्हें पैसे कमाने के लिए मजबूर किया. वो कहती हैं, ''मेरा प्लेसमेंट हुआ था लेकिन मंदी की वजह से कंपनी ने किसी को ज्वाइन नहीं कराया. बड़ी मुश्किल से मैंने 10 हज़ार रुपए की नौकरी ढूंढी. कुछ दिन बाद मुझे उसने नौकरी दिलाई. मुझे दूसरों के घर फेशियल करने जाना होता था. क्या मैंने इसीलिए कंप्यूटर साइंस से एमएससी किया था?''

पायल ने कहा, ''जनवरी 2009 में मेरी नौकरी लग गई. लेकिन मंदी जारी थी और अमित की नौकरी चली गई. वो दिनभर घर में रहता था और मैं दिनभर ऑफिस में. इस पर और झगड़े हुए. वो मुझे मेरे घर वालों से बात नहीं करने देता था. अप्रैल में उसे दूसरी नौकरी मिली तो वो दिल्ली चला गया. मैं पुणे में ही थी.''

पायल बताती हैं कि अप्रैल 2010 में उनके पति अमित ने उन्हें दिल्ली बुला लिया लेकिन शर्तों के साथ. अगस्त 2010 में उन्हें फिर एक कंपनी में नौकरी मिली. उसके पहले वो एक बार प्रेगनेंट हुईं लेकिन अमित ने जबरन अबॉर्शन करा दिया.

पायल ने कहा, ''कुछ महीने बाद मैं फिर प्रेगनेंट हुई तो उसने फिर अबॉर्शन की जिद पकड़ी लेकिन मैंने मना कर दिया. किसी तरह वो माना लेकिन इस शर्त पर कि बच्चे की सारी जिम्मेदारी मेरी होगी. डिलीवरी से 15 दिन पहले तक मैं ऑफिस जाती रही. उसे मेरी कोई फिक्र नहीं थी.''


वो बताती हैं कि साल 2013 में एक दिन उन्हें ऑफिस से लौटने में देर हो गई तो उनकी बेटी रात के 10 बजे तक डे-केयर में ही रही लेकिन उनके पति ने बेटी को घर लाना जरूरी नहीं समझा. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

पायल ने कहा, ''जब से नौकरी छोड़ी तब से ज़्यादा दिक्कतें हैं. हर रोज़ अपडेट देना होता था कि कार में स्क्रैच तो नहीं हैं, कब हवा भराई, कितना ऑयल पड़ा. नियम था कि बेटी को लेकर कार में ही जाना है. काफ़ी मारपीट लड़ाई हुई लेकिन टास्क लिस्ट नहीं बंद हुई.''

''मैं कमा नहीं रही थी तो नियम और बढ़ गए. खाना बनाने से लेकर बेटी के खेलने तक. मैं कुछ उसके मन का नहीं करती तो बेटी के पीछे पड़ जाता था. उसे परेशान करने लगता. चाकू लेकर भागता था उसके पीछे.''

पायल कहती हैं, बेटी को स्कूल छोड़ना होता था तो उसकी भी एक लिस्ट दरवाजे पर चिपकाई थी कि क्या-क्या करना है. आठ बजकर 10 मिनट पर उसको सारी लिस्ट पढ़कर बताना होता था कि मैंने सारा काम कर दिया है. 8:11 बजे ही वो निकलता घर से बेटी को स्कूल ले जाकर. एक मिनट पहले नहीं निकलना, एक मिनट देर से नहीं निकलना.

एफआईआर दर्ज कराई लेकिन...

ने साल 2009 में अमित से परेशान होकर एफआईआर दर्ज कराई थी लेकिन उसमें ज़्यादा कुछ नहीं हुआ. फिर एक बार और बेंगलुरु में भी एफआईआर दर्ज कराई.


.''उन्होंने कहा, ''सुबह वो नाश्ता करता था तो सामने नोटबुक लेकर बैठना पड़ता था. जो बोलता था वो सब नोट करना पड़ता था. उसके अंडर गारमेंट तक एक फिक्स जगह पर रखना होता था. कभी वहां रखना भूल गई तो उस पर भी लड़ना.''

''वो मुझे खर्च के लिए भी पैसे नहीं देता था. मैंने कथक क्लास लेना शुरू किया कि कुछ पैसे कमा सकूं. उसे इसका सारा हिसाब देना होता था. रिश्तेदारों के कहने पर वो मुझे हर महीने खर्च के लिए 500 रुपए देने लगा और उसका भी हिसाब एक्सेल शीट में रखता था. एक गलती होने पर उसी 500 रुपए से काट लेता था. कई बार ऐसा हुआ कि मुझे कुछ नहीं मिला.''


हर रात था ये नियम
पायल बताती हैं कि हर रोज़ खाना खाने के बाद सारा काम खत्म करके बेटी को ले जाकर पति के हाथों में हाथ देकर हैंडओवर करना पड़ता था. ये नियम था.

उन्होंने कहा, ''एक दिन मैं ये भूल गई तो उस बात पर लड़ने लगा. बोला इसकी वजह से झगड़ा होता है तो इसे फेंक देता हूं. हम पांचवें फ्लोर में रहते थे. बेटी को उठाकर बालकनी में ले गया और वहां से बोला इसे नीचे फेंक दूंगा. मैंने सॉरी बोला तब जाकर माना.''

पति ने कहा- झूठे हैं सारे आरोप
पायल के इन आरोपों को उनके पति अमित सिरे से ख़ारिज करते हैं. पेशे से इंजीनियर अमित ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी झूठ फैलाकर उनसे पैसे ऐंठना चाहती है.

बीबीसी से बातचीत में अमित ने कहा, ''मैं एक अच्छी कंपनी में काम कर रहा हूं. ये बिलकुल निराधार बात है कि मैं उसे नापकर रोटी बनाने के लिए कहता था. मैं इन सारे आरोपों से इनकार करता हूं. मैंने किसी चीज़ के लिए मजबूर नहीं किया.''

उन्होंने कहा कि पायल खुद करियर को लेकर गंभीर रहती थीं और उन्हें घर में बैठना पसंद नहीं. अब वो बातों को घुमा-फिराकर बता रही हैं. जब हमारी बेटी हुई तो मैंने उसे कहा कि अब घर में रहो. नौकरी की टेंशन मत लो. बेटी के लिए कोई तो होना चाहिए घर में.

हर काम का हिसाब एक्सेल शीट में रखने और काम की डेडलाइन तय करने के बारे में अमित ने कहा कि वो ऐसा बजट मेंटेन करने के लिए करते थे. उन्होंने कहा, ''मैंने कभी हिसाब नहीं मांगा. घर का बजट ठीक रहे इसके लिए हम सब लिखकर रखते थे. पहले के लोग नोटबुक में करते हैं, हमने एक्सेल शीट में किया. बस इतना फ़र्क है. उसने जब कहा कि ये ठीक नहीं लग रहा तो मैंने उसकी बात मानी और बीते 6 महीने से हम ये नहीं कर रहे थे. कभी मजबूर नहीं किया.''

अमित ने आरोप लगाया, ''उसने कानून का फ़ायदा उठाया है. वो मुझसे पैसे ऐंठना चाहती है. मुझे उसके कुछ फ़ेसबुक चैट मिले थे. वो शायद उसका कॉलेज का दोस्त था. जिसमें वो किसी से काफ़ी अंतरंग बातें करती थी. मुझे इसके बारे में पांच-छह महीने पहले पता चला. उसने मुझसे कहा कि मैं चुप रहूं वरना वो तलाक़ दे देगी. बेटी के लिए मैं चुप रहा. मैं परेशान था लेकिन मैंने उसको कुछ नहीं कहा.''

अमित ने कहा कि कुछ वक़्त बाद वो पायल को लेकर साइकोलॉजिस्ट के पास भी गए. हालांकि इस बारे में दोनों के बयान एक दूसरे से अलग हैं. पायल का कहना है कि वो ख़ुद अमित को लेकर साइकोलॉजिस्ट के पास गई थीं.

अमित ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी उन्हें बेटी से नहीं मिलने देती. वो कहते हैं, ''बेटी से मैं बहुत प्यार करता हूं. मैंने कभी बेटी को चोट पहुंचाने का सोचा भी नहीं. मेरी पत्नी बेटी को मजबूर करती है कि वो मुझसे न मिले.''
हर चीज़ की डेडलाइन तय करने के बारे में अमित ने कहा, ''टाइम को लेकर पाबंद होने में बुराई क्या है? हम दोनों मिलकर किसी काम का वक़्त तय करते थे. इससे आसानी होती थी. ये सिर्फ़ इसलिए करते थे ताकि कोई चीज़ छूट न जाए. समस्या ये है कि वो अब इन बातों को ऐसे दिखा रही है जैसे मैं उसे प्रताड़ित कर रहा था. मैंने कभी मेन्यू नहीं दिया कि क्या खाना है.''

अमित ने कहा, ''मेरे पास उसके सोशल मीडिया के पासवर्ड नहीं थे. वो मेरा लैपटॉप इस्तेमाल करती थी. एक बार उसने खुद मेरे सोशल अकाउंट से किसी को मैसेज किये और फिर अपनी मां को दिखाकर हंगामा किया.''

अमित कहते हैं- मैंने कभी उसके साथ मारपीट नहीं की. 2008 और 2009 में मेरे ख़िलाफ़ कोई एफआईआर हुई थी ये मुझे अब पता चला है.

उन्होंने कहा, ''शादी से पहले करीब 8 महीने तक हम साथ में रहे हैं. वो मेरे बारे में जानती थी. अगर मैं इतना ही खराब था तो शादी क्यों की? ये लव मैरिज थी. पायल ने ख़ुद मुझे फ़ोन किया और शादी के लिए पूछा था. मैंने उस समय मना कर दिया था. लेकिन उसने कहा था कि अगर मैंने शादी नहीं की तो वो आत्महत्या कर लेगी. उसकी मां ने कहा था कि अगर शादी नहीं करोगे तो तुम्हें झूठे केस में फंसा देंगे.'' फिलहाल पायल और अमित का मामला कोर्ट में है.

भारत में घरेलू हिंसा के मामले
देश में महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाले अपराध और घरेलू हिंसा के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की साल 2016 की रिपोर्ट के मुताबिक, एक साल में घरेलू हिंसा के 110378 मामले सामने आए.

ये वो मामले हैं जिनकी शिकायत दर्ज कराई गई है. बहुत से मामलों में महिलाएं समाज के डर और पुलिस के ख़ौफ़ की वजह से भी सामने नहीं आती हैंNCRB की रिपोर्ट पर नज़र डालें मेट्रोपॉलिटन शहरों में महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के साल 2014 में 38385, 2015 में 41001 और 2016 में 41761 मामले दर्ज किये गए. इनमें से साल 2016 में घरेलू हिंसा के मामले 12218 थे.( बीबीसी हिंदी न्यूज़ से साभार)


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Ditulis Oleh : Janprachar.com Hari: 3:31 am Kategori:

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