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शनिवार, 24 फ़रवरी 2018

कौन है 11,360 करोड़ के PNB घोटाले का सूत्रधार और उसकी शख्सियत

हमेशा चमक और चकाचौंध के बीच रहने वाले नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11.3 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के घोटाले के केंद्र में बताए जा रहे हैं. इस घोटाले के आरोपी 48 वर्षीय मोदी की ज़िंदगी डायमंड की तरह चमकदार है.हमेशा चमक और चकाचौंध के बीच रहने वाले नीरव मोदी पंजाब नेशनल बैंक में हुए 11.3 हजार करोड़ रुपए से भी अधिक के घोटाले के केंद्र में बताए जा रहे हैं.


 भारतीय बैंकिंग सिस्‍टम को हिलाकर रख देने वाले इस घोटाले के आरोपी 48 वर्षीय मोदी की ज़िंदगी डायमंड की तरह चमकदार है. वह डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. 







मोदी खुद एक ग्‍लोबल ब्रांड हैं और तमाम भारतीय रईसों के वे करीब माने जाते हैं.यही वजह है कि जब पीएनबी के 1.8 अरब डॉलर इस घोटाले का पर्दाफाश हुआ और लोगों को जानकारी मिली तो अधिकांश रईसों ने उनके बारे में बोलने से या तो इंकार कर दिया और जिन लोगों ने कुछ बोला भी, उनका आग्रह अपना नाम जाहिर नहीं करने का था.


अमेरिका के मशहूर वार्टन स्कूल के ड्रॉप आउट मोदी के नाम से उनका ज्वैलरी ब्रांड इतना मशहूर है कि उसके दम पर वे फोर्ब्स के भारतीय धनकुबेरों की 2017 की लिस्‍ट में 84वें नंबर पर पहुंच गए थे. वे 1.73 अरब डॉलर यानी लगभग 110 अरब रुपये के मालिक हैं और उनकी कंपनी का राजस्व 2.3 अरब डॉलर यानी लगभग 149 अरब रुपये है.



हालांकि खबर यह भी है कि डायमंड बिजनेस के लिए मशहूर अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के मोदी कभी ज्वैलरी डिजाइनर नहीं बनना चाहते थे. अलबत्‍ता, डायमंड से अधिक उनका मन संगीत में लगता था. हालांकि एक दोस्त के कहने पर उन्होंने पहली ज्वैलरी डिजाइन की और फिर वे उसी के होकर रह गए.अपने उस दोस्त के कहने पर मोदी ने जो पहली इयरिंग्स डिजाइन की थी, उसमें जड़े हीरों की तलाश में वे कई शहरों में भटके. उनकी यह खोज आखिरकार रूस की राजधानी मॉस्को में पूरी हुई.

 यहीं से उनके डिजाइनर बनने की दिलचस्‍प कहानी शुरू हुई, जिसने उन्‍हें वह शोहरत दिलाई, जिसकी ख्‍वाहिश हर किसी को रहती है. आज वे उस एकमात्र भारतीय ज्वैलरी ब्रांड के मालिक हैं, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा के केंद्र में रहता है
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मोदी के डिजाइन किए गए गहने हॉलीवुड की हस्तियों से लेकर देसी धनकुबेरों की पत्नियों की शोभा बढ़ाते हैं. उनके द्वारा डिजाइन किया गया गोलकोंडा नेकलेस की 2010 में नीलामी हुई. यह 16.29 करोड़ में बिका था.






इसी तरह 2014 में एक नेकलेस 50 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था.भारत के अलावा उनकी रूस, अर्मेनिया और दक्षिण अफ्रीका में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं. 2008 में उनके मित्र ने उनसे एक दुर्लभ आभूषण देने का आग्रह किया. इसी से प्रेरित होकर नीरव ने खुदरा व्यापार में कदम रखा था.


19 वर्ष की उम्र में नीरव मेहता को अपने मामा और गीतांजली जेम्स के चेयरमैन मेहुल चौकसे के पास मुंबई भेजा गया था. वहां उन्‍होंने हीरा कारोबार की जानकारियां लीं. 







1999 में उन्होंने दुर्लभ हीरों के व्यापार के लिए फायरस्टार डायमंड नाम की कंपनी स्थापित की. इसके बाद कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का अधिग्रहण किया और इस तरह उनका नेटवर्क तगड़ा हो गया. मजबूत नेटवर्क की वजह से ही उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग में कदम रख दिया.


नीरव ने 2014 में अपना पहला बड़ा बूटिक दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी में और अगले साल मुंबई के काला घोड़ा इलाके में एक स्टोर खोला. उसी साल न्यू यॉर्क के मैडिसन अवेन्यू में एक स्टोर खोला गया.




नाओमी वाट्स, निमरत कौर और लिसा हेडन के साथ-साथ मॉडल कोको रोशा जैसी जाने-माने सितारों ने न्‍यू यॉर्क के इस स्‍टोर के उद्घाटन समारोह में शिरकत की.

अभी लंदन, सिंगापुर, पेइचिंग और माकउ में भी नीरव के बूटिक हैं.

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Ditulis Oleh : Janprachar.com Hari: 1:03 am Kategori:

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