पटना। रेलवे स्टेशनों पर " रेलयात्री कृपया ध्यान दें" ,स्लोगन की जगह " न सिमरन न, ट्रेन में भाग कर न चढ़ना, यह जानलेवा हो सकता है..." जैसे स्लोगन सुनने को मिल सकते हैं. ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने तो इसकी तैयारी भी कर ली है।जल्द ही एेसे डायलॉग वहां के कटिहार समेत न्यू जलपाईगुड़ी जैसे बड़े स्टेशनों के साथ ही अन्य स्टेशनों पर सुनाई देंगे।
दरअसल, बीते कुछ सालों में चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने के दौरान हादसे बढ़ें। इसकी एक प्रमुख वजह नेट पर ट्रेन का रनिंग स्टेटस देख कर एन वक्त पर स्टेशन पहुँचने की बढ़ती प्रवृत्ति भी है। घर से निकलने या रास्ते में देर होने पर दौड़ कर ट्रेन पकड़ने के नज़ारे अब आम हैं। इससे हादसे भी बढ़े।
सूत्रों के मुताबिक ,यात्रियोँ की सुरक्षा को देखते हुए उठाया रेलवे ने अब चलती ट्रेन में चढ़ने -उतरने के नुकसान को बताने , फ़िल्मी डायलॉग की तर्ज पर स्लोगन बनाने का निर्णय लिया है। इसके पीछे ,अधिकारियों का तर्क है, कि लोगों के दिमाग में टीवी सीरियल व फिल्मों के डॉयलाग आसानी से घर कर जाते हैं और जाते हैं. इनके माध्यम से लोगों को रेल हादसे से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा।
इन स्लोगंस के जरिए लोगों को खतरे के बारे में समझाना आसान होगा, कि जान जोखिम में ना डालें और चलती ट्रेनों में सवार नहीं हों। क्योंकि हड़बड़ी में चलती ट्रेन में चढ़ने -उतरने की एक छोटी सी गलती से यात्रियों की जान जा सकती है। ऐसे में यात्रियों काे यह समझना जरूरी है कि ट्रेन जब प्लेटफार्म पर खड़ी हो तभी चढ़ें या उतरें।
ज्ञात हो कि शाहरुख खान और काजोल की सुपरहिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का मशहूर डायलॉग ‘जा सिमरन जा...जी ले अपनी जिंदगी...’ के दृश्य में शाहरुख़ ,काजोल का हाथ थामकर चलती ट्रेन में चढ़ाते हैं.लेकिन फिल्म और वास्तविकता में अंतर है।

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