बहुत से लोग शिकायत करते हैं कि चावल खाने के बाद उन्हें नींद आने लगती है. कुछ लोगों को पूरी खाने से, तो बहुत से लोगों को मटन खाने से नींद आने की शिकायत रहती है.
ये शिकायत खालिस हिंदुस्तानी हो, ऐसा भी नहीं है. विदेशों में भी बहुत से लोग कुछ चीज़ें खाकर नींद आने की शिकायत करते हैं.आख़िर माजरा क्या है? क्या वाक़ई कुछ ख़ास चीज़ों को खाने पर नींद आने लगती है.
असल में इसके पीछे एक केमिकल का हाथ होता है इसका नाम है एल-ट्रिपटोफान. भारतीय खाने पर तो इतनी रिसर्च नहीं हुई है. मगर अमरीका में हुई रिसर्च के मुताबिक़ टर्की के मांस में एल-ट्रिपटोफान नाम का केमिकल काफ़ी तादाद में मिलता है.
इसी तरह समुद्री शेर कहे जाने वाले जीव के गुर्दे में भी एल-ट्रिपटोफान काफ़ी तादाद में मौजूद होता है. अंडे की जर्दी, कॉड मछली और पोर्क चॉप में भी एल-ट्रिपटोफान ख़ूब होता है.ये एक अमीनो एसिड है.अमीनो एसिड वो केमिकल हैं, जिनसे प्रोटीन बनता है. प्रोटीन से कोशिकाएं बनतीं हैं.
जो हमारे शरीर के विकास और इसके बेहतर काम करने के लिए ज़रूरी होती हैं.यानी एल-ट्रिपटोफान हमारे शरीर की बुनियादी ज़रूरत है. मगर, ये हमारे शरीर में नहीं बनता. हम इसे खान-पान से हासिल करते हैं. इस अमीनो एसिड की मदद से सेरोटिनिन नाम का केमिकल बनता है सेरोटिनिन वो केमिकल है, जो हमारे अंदर ख़ुशी का अहसास पैदा करता है.
मगर यही सेरोटिनिन ऐसा भी असर दिखाता है कि मधुमक्खियों को नींद आने लगती है. शायद एल-ट्रिपटोफान शरीर में पहुंचकर यही असर इंसानों में भी दिखाता है. हालांकि ये बात पक्के तौर पर नहीं कही जा सकती.

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