भोपाल। एक सडक हादसे में घायल होकर ब्रेन डेड घोषित किए गए भोपाल के 20 वर्षीय युवक शशांक कोरन्ने का दिल मुंबई के फोर्टिस अस्पताल में एक अन्य रोगी को लगाया जाएगा। यह दिल शुक्रवार अपरान्ह को यहां से मंुबई रवाना किया गया। इसके लिए बंसल अस्पताल से एयरपोर्ट तक ग्रीन काॅरिडोर बनाया गया। यह पहला मौका है ,जब किसी का हृदय बाहर भेजा गया हो।
सू़़त्रों के मुताबिक, राजहर्ष कालोनी निवासी शशांक बीएसएस काॅलेज में बी कॉम कंप्यूटर अंतिम वर्ष के छात्र थे। गत 19 दिसम्बर को सुबह 8.30 बजे दुपहिया वाहन से काॅलेज जाते समय कोलार क्षेत्र में ही एक डंपर ने पीछे से उन्हें टक्कर मारी थी। इसमें उसके सिर में गहरी चोट आई थी। घायल शशांक को इलाज के लिए नर्मदा अस्पताल में दाखिल किया गया। यहां वह पूरे समय कोमा में रहे और बीती रात उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया।
7 अंग किये दान
अंगदान के लिए लोगों को जागरुक करने के लिए सक्रिय डाॅ राकेश भार्गव ने मृतक के परिजनों से संपर्क स्थापित कर उनके आॅर्गन डोनेट करने का आग्रह किया। बताया जाता है,मृतक के एक निकट संबंधी भी चिकित्सक हैं। उनकी समझाइश पर वे इसके लिए राजी हो गए। इसके बाद शुक्रवार सुबह शशांक का शव नर्मदा अस्पताल से बंसल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां दोपहर साढे 12 बजे मृतक का आॅपरेशन कर उनका हृदय, लिवर, दोनों किडनी, दोनों आंखें व त्वचा निकाली गईं।
शशांक के दिल को मंुबई से यहां पहंुची फोर्टिस अस्पताल की टीम के हवाले किया गया। वहीं एक किडनी व लिवर का प्रत्यारोपण बंसल अस्पताल में किया गया,जबकि एक अन्य किडनी इंदौर के एक अस्पताल को भेजी गई। वहीं आंखें हमीदिया अस्पताल के नेत्र विभाग को सौंपी गई,जबकि त्वचा इसका प्रत्यारोपण करने में महारथ रखने वाले डाॅ.आनंद काले को सौंपी गई।
मा़त्र 15 मिनिट में पहुंचा एयरपोर्ट
शशांक का दिल मुंबई भेजने के लिए शाहपुरा से एयरपोर्ट तक ग्रीन काॅरिडोर बनाया गया था। फोर्टिस अस्पताल मंुबई की टीम अपरान्ह करीब 3 बजे इसे लेकर शाहपुरा स्थित बसंल अस्पताल से रवाना हुई और महज 15 मिनिट में एयरपोर्ट पहुंच गई। इसे फोर्टिस अस्पताल की एयर एंबुलेंस से मुंबई के लिए रवाना किया गया।
शहीद की तरह दी जाएगी विदाई
इधर,मृतक के अंगदान कर सात से अधिक लोगों को नया जीवन देने व उनके जीवन में रोशनी लाने की पहल पर बंसल अस्पताल की ओर से शनिवार को सुबह 9 बजे मृतक को विशेष विदाई दी जाएगी। अंगदान करवाने में मध्यस्थ की भूमिका अदा कर रहे डाॅ भार्गव ने बताया कि इस मौके पर मृतक के शव को फूलों की चादर से सजा कर उसी तरह विदाइ्र्र दी जाएगी। जैसे किसी शहीद को दी जाती है। उन्होंने कहा कि अंगदान को बढावा देने के लिए राज्य शासन को भी इस तरह की पहल करना चाहिए।

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