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मंगलवार, 5 मार्च 2013

कृषि,सहकारिता व उद्यानिकी विभागों का बजट मंजूर


समीक्षा 5 मार्च 2013 रवि अवस्थी


BHOPAL,5 MARCH2013.राज्य विधानसभा में मंगलवार को राज्य के किसान कल्याण एवं कृषि विकास,उद्यानिकी व सहकारिता से जुड़ी अनुदान मांगों पर चर्चा के बाद इन्हें ध्वनिमत से पारित किया गया। सदन में शून्य काल के दौरान मामूली शोर शराबे को छोड़ कामकाज सामान्य तरीके से चला। इस दौरान हास-परिहास के क्षण भी आए। सदन समवेत होते ही विधानसभा अध्यक्ष श्री ईशवरदास रोहाणी समेत सभी सदस्यों ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं दी ।
अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष से जुड़े सदस्यों ने जहां सरकार क ी उपलब्धियां गिनाई वही विपक्षी सदस्यों ने सरकार पर लक्ष्य के अनुरुप विकास कार्य न होने का आरोप लगाया। किसान कल्याण एवं कृषि विकास  मंत्री डॉ रामकृष्ण कुसमरिया ने सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए 11 सौ 95 करोड़ अनुदान मांगें पेश की। इन्हें बहुमत के आधार पर ध्वनिमत से पारित किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार के विशेष प्रयास से प्रदेश में सिंचाई का रकबा 7लाख हेक्टेयर से बढ़ कर 25 लाख हेक्टेयर हो गया है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में हॉसिल उपलब्धियों के कारण ही प्रदेश को कृषि कर्मण अवार्ड से नवाजा गया। इससे पहले विभाग की अनुदान मांगों
 के विरोध में बोलते हुए कांग्रेस के श्री बृजेन्द्र सिंह राठौर  ने कहा कि मैदानी कर्मचारियों के गांवों में उपलब्ध नहीं रहने से किसानों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग की अनेक योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वित्तीय वर्ष के दौरान विभाग लक्ष्य को हॉसिल करने में नाकाम रहा है। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए मंडी की किसान निधि से आवंटित धन में पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को समूचे प्रदेश के लिए एक सा रुख अपनाना चाहिए। कांग्रेस के ही एक अन्य सदस्य श्री पुरुषोत्तम दांगी ने कहा कि विभाग का बजट प्रति वर्ष बढ़ाया जा रहा है लेकिन इसकी तुलना में किसानों को इसका लाभ नही मिल रहा है। विशेष कृषि बीमा योजना की  पुन:समीक्षा किए जाने की आवश्यकता है। सत्तारुढ़ दल के सदस्य श्री यशपाल सिंह सिसोदिया व श्री गिरिजाशंकर शर्मा ने अनुदान मांगों के समर्थन में बोलते हुए कृषि क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां गिनार्इं। श्री सिसोदिया ने कहा कि राज्य सरकार कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए संकल्प कृत है। इस दिशा में किए गए कार्यो के कारण ही आज राज्य की कृषि विकास दर 18.89 प्रतिशत आंकी गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी है इस बात का आंकलन इसी बात से किया जा सकता है कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया कराने वाला पहला राज्य है। वहीं श्री शर्मा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में और अधिक विकास के लिए इसमें धन प्रवाह की जरूरत है। खासकर बैकिंग संस्थाओं को इस दिशा में और अधिक उदार रुख अपनाना चाहिए।
 इसी तरह उद्यानिकी विभाग से जुड़ी 301 करोड़ 30 लाख 62हजार रुपए की अनुदान मांगे व सहकारिता विभाग से संबंद्ध 670 करोड़ 55 लाख 15 हजार रुपए की अनुदान मांग ध्वनिमत से पारित हुर्इं। अपने विभाग की मांगों पर हुई चर्चा के जबाव में  उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश सरकार खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने के प्रयासों में उद्यानिकी को भरपूर बढ़ावा दे रही है। प्रदेश में सिर्फ कुछ फूड पार्क में ही खाद्य प्रसंस्करण को प्रोत्साहित नहीं किया जा सका। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि किसानों द्वारा खेत में खाद्य प्रसंस्करण काम किए जाने पर उन्हें उद्योग का पूरा लाभ दिया जाएगा। उद्यानिकी मंत्री ने कहा कि प्रदेश के 11 क्लाईमेटिक जोन में वैज्ञानिक अध्ययन करवा कर उपयुक्त् उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि उद्यानिकी फसलों पर दिए जाने वाले अनुदान की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा करने की व्यवस्था की गई है। उद्यानिकी को बढ़ावा देने की दिशा में किए गए प्रयासों का ही नतीजा है कि वर्ष 2003 में जहां राज्य में 4लाख 68 हजार हेक्टेयर में उद्यानिकी फसल ली जाती थी यह रकबा बढ़ कर अब 12 लाख 65 हजार हेक्टेयर हो गया है।
 वहीं सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने भी अपने विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों के जबाव में कहा कि वर्ष 2013-14 में किसानों को 12 हजशर करोड़ रुपए का फसल ऋण दिया जाएगा। प्राथमिक कृँिष साख सहकारी समितियों को होने वाली ब्याज की हानि की प्रतिपूर्ति के लिए  नए वित्तीय साल के बजट में 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होन्ो कहा कि प्रदेश में शून्य प्रतिशत पर फसल ऋ ण दिए जाने से किसानों से की जाने वाली ऋण वसूली के प्रतिशत में भी काफी वृद्धि हुई है।
हम्मालों की हड़ताल से किसानों को कोई नुकसान नहीं:कुसमरिया
इससे पहले एक सदन में इंदौर कृषि उपज मंडी में गत दिनों हुई हम्मालों व तुलावटियों की हड़ताल का मामला भी उठा। इस मामले में  किसान कल्याण एवं क ृषि विकास मंत्री डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा कि इस हड़ताल के कारण  किसानों को किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ। डॉ.कुसमरिया ने यह बात एक ध्यानाकर्षण सूचना पर चर्चा के उत्तर में दी। कांग्रेस सदस्य श्री तुलसी राम सिलावट द्वारा दी गई एक ध्यानाकर्षण सूचना के जबाव में  किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ने कहा कि कहा कि मंडी प्रशासन द्वारा हड़ताल को समाप्त करने के लिए बहुतेरे प्रयास किए। हड़ताली श्रमिकों से बातचीत कर उन्हें हड़ताल समाप्त करने की समझाइश दी गई। इसके बाद भी श्रमिकों के हड़ताल पर कायम रहने पर मंडी प्रशासन द्वारा मंडी प्रांगण में हड़ताल की  जानकारी चस्पा करने के साथ ही समाचार पत्रों के माध्यम से किसानों को इसकी सूचना दी गई। इस व्यवस्था के कारण किसानों को हड़ताल क े चलते  किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।  डॉ. कुसमरिया ने कहा कि कहना सही नहीं है,कि मंडी प्रशासन की ओर से हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। इससे पहले ध्यानाकर्षण सूचना देने वाले सदस्य श्री सिलावट ने आरोप लगाया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही व उदासीनता के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा व वे दूसरी  मंडियों में अपना अनाज बेचने को मजबूर हुए। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा।  ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए कांग्रेस  विधायक श्री पुरुषोत्तम दांगी ने राजगढ़ जिले की नवनिर्मित कुशलपुर मध्यम परियोजना का मामला भी उठाया। उन्होंने परियोजना अंतर्गत निर्मित बांध की प्रचारित भराव क्षमता व लागत पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि परियोजना का समुचित लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने परियोजना अंतर्गत निर्मित नहरों के अंतिम छोर तक पानी दिए जाने की मांग उठाई। जबाव में जल संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया ने कहा कि बांध का भराव व नहरों में पानी की आपूर्ति बर्षा की स्थिति पर निर्भर करती है। जल संसाधन मंत्री ने कहा कि मौजूदा  शासन काल में अनेक नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के प्रयास हुए हैं। कुशलपुर मध्यम परियोजना बांध से 63सौ हेक्टेयर रबी सिंचाई प्रस्तावित है। वर्तमान में इस बांध से तीन हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जा रही है।
 असत्य जानकारी देने के आरोप
  राज्य विधानसभा में मंगलवार को विभागों द्वारा असत्य जानकारी देकर सदन को गुमराह करने के आरोप भी लगे। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के सदस्य संजय पाठक  ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जुड़े एक प्रश्न के  उत्तर को लेकर कहा कि अधिकारी मंत्री से असत्य जानकारी  दिलवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते साढ़े चार सालों के दौरान उन्हें लगातार गलत जानकारी दी जा रही है। उनके इस आरोप पर विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने कहा कि सदस्य को यदि इस तरह की कोई शिकायत है तो वह प्रश्न संदर्भ समिति के समक्ष अपनी शिकायत रख सकते हैं। इस पर श्री पाठक ने जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की। इसी तरह बैतूल जिले में अवैध उत्खनन का मामला सत्तारुढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक श्री विश्वास सारंग ने उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में अवैध उत्खनन को लेकर  जीएचवी प्राइवेट लिमिटेड मुंबई के खिलाफ जांच का मामला कलेक्टर कोर्ट की जगह एसडीएम कोर्ट में भेजा गया। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी के खिलाफ गौण खनिज नियम के तहत कार्रवाईनहीं होने से सरकार को करीब पचास करोड़ रुपए की हानि हुई,लेकिन खनिज मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सदस्य के इस आरोप को नकारते हुए कहा कि उक्त कंपनी के खिलाफ गड़बड़ी का कोई मामला नहीं है फिर भी यदि सदस्य कोई जानकारी देते हैं तो इसकी जांच करा ली जाएगी।  ऊर्जा मंत्री श्री शुक्ल ने विधायक श्री रामनिवास रावत के लिखित प्रश्न के उत्तर में बताया कि प्रदेश में एक जनवरी 2009 से जनवरी 2011 तक बिजली चोरी के   कुल 2 लाख 13 हजार 605 प्ररकण दर्ज किए गए। इनमें 17 हजार 429 लोगो के गिरफतारी वारंट जारी हुए व इसके विरुद्ध 47 व्यक्तियों को जेल भेजा गया। उन्होंने कहा कि उक्त प्रश्नावधि में 1 लाख 2 हजार 994 प्रकरण किसानों के खिलाफ दर्ज हुए। सदस्य सुश्री साधना स्थापक के एक प्रश्न के उत्तर में ऊर्जा मंत्री  ने कहा कि गत 31 जनवरी तक राज्य के कुल 980 ग्राम अविद्युतीकृत  हैं। इनमें से 661 गांवों को राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में शामिल किया गया  है। जबकि 97 गांव वीरान या डूब क्षेत्र में हैं शेष 219 गांवों को भी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना में शामिल किया जाना प्रस्तावित है।
 शिवपुरी आगजनी घटना की हुई गूंज
 राज्य के शिवपुरी जिले में 12 वर्षीय एक बालक की कथित हत्या  और इसके बाद वहां हुई आगजनी की घटना की गूंज मंगलवार को राज्य विधानसभा में हुई। शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य श्री रामनिवास रावत,डॉ.गोविंद सिंह व उप नेता प्रतिपक्ष श्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने यह मामला उठाते हुए चर्चा की मांग की। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्थगन प्रस्ताव दिया है। इस पर अध्यक्ष श्री ईश्वरदास रोहाणी ने कहा कि सदस्यों का स्थगन प्रस्ताव उनके समक्ष विचाराधीन है और वह इसके अध्ययन के बाद ही आगे कोई निर्णय लेंगे। वहीं बहुजन समाज पार्टी विधायक दल के नेता श्री रामलखन सिंह ने शून्यकाल में एक किसान की आत्महत्या का मामला उठाया तो कांग्रेस विधायक श्री पांचीलाल मेढ़ा ने राज्य के आंदोलनकारी अध्यापकों की मांगों क ी ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहा लेकिन उनकी मांग नहीं माने जाने पर वह गर्भगृह में धरने पर बैठ गए। बाद में कांग्रेस के डॉ. गोविंद सिंह उन्हें समझाइश देकर वापस उनकी सीट पर ले गए।


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