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शनिवार, 8 सितंबर 2012

डूब प्रभावितों की माँगों पर दो दिन में सकारात्मक निर्णय




उद्योग मंत्री श्री विजयवर्गीय ने किया आंदोलन स्थगित करने का आग्रह
भोपाल।उद्योग मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय और आदिम.जाति कल्याण मंत्री कुँवर विजय शाह आज इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जलाशय के डूब से प्रभावितों द्वारा किये जा रहे आंदोलन को समाप्त करवाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री  शिवराजसिंह चौहान के प्रतिनिधि के रूप में ओंकारेश्वर पहुँचे। मंत्री द्वय ने स्थानीय निवासियों से लगभग दो घण्टे उनकी समस्याओं पर चर्चा की। बाद में वे ओंकारेश्वर से लगभग तीस किलोमीटर दूर स्थित ग्राम घोघल गये और वहाँ जल सत्याग्रह कर रहे ग्रामवासियों से चर्चा की । श्री विजयवर्गीय ने राज्य सरकार की ओर से आंदोलनकारियों से आग्रह किया कि वे अपना आंदोलन कम से कम दो दिन के लिये तत्काल स्थगित कर दें। उन्होंने कहा कि सरकार आगामी 48 घण्टे में उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर सकारात्मक निर्णय लेगी।
       श्री विजयवर्गीय ने बताया कि राज्य सरकार सम्पूर्ण स्थिति पर विचार कर इस निष्कर्ष पर पहुँची है कि उसे तीन तथ्यों को ध्यान में रखकर निर्णय करना है। पहला तथ्य उच्चत्तम न्यायालय एवं उच्च न्यायालय द्वारा लिये गये निर्णयों का पूरी तरह से क्रियान्वयनए दूसरा प्रभावित सभी व्यक्तियों का कल्याण हर स्थिति में सुनिश्चित हो और तीसरा यह कि इन दोनों बातों का क्रियान्वयन करवाते समय इस बात का ध्यान रखा जाये कि प्रदेश का विकास हर हालत में सुनिश्चित रहे। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन्हें यहाँ भेजते समय यह संदेश दिया है कि वे विस्थापित होने वाले सभी परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। मुख्यमंत्री चाहते हैं कि प्रभावित प्रत्येक परिवार के पुनर्वास.हित हर हाल में सुनिश्चित हों तथा कोई भी व्यक्ति और परिवार किसी भी हालत में उपेक्षित न रहने पाये।राज्य शासन परियोजनाओं की डूब से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास नीति के अनुसार लाभ देने के अलावा परिस्थिति और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त लाभ और सहायता देने के प्रति भी उदार है। इसी पहल के तहत स्थानीय परिस्थितियों और मानवीयता के आधार पर ओंकारेश्वर परियोजना के प्रभावित ग्राम केलवा बुजुर्ग और ग्राम टोंकी के 192 परिवार को लगभग 13 करोड़ 14 लाख की अतिरिक्त राहत दी गई है। अत्यंत धीमी गति से जल.भराव के बावजूद भी यदि किसी आकस्मिकता की स्थिति बनती है तो इसके लिये संबंधित जिला प्रशासन आकस्मिक कार्य.योजना के साथ पूरी तरह सतर्क है। दोनों जलाशयों की परिधि में ग्रामवार राहत और सुरक्षा के लिये संबंधित जिला प्रशासन द्वारा जुलाई माह के आरंभ से ही व्यवस्था कर ली गई है। प्राधिकरण द्वारा इंदिरा सागर परियोजना के लिये 109ण्87 लाख रुपये और ओंकारेश्वर परियोजना के लिये 109ण्78 लाख रुपये की आकस्मिक कार्य.योजना स्वीकृत की गई है।कुछ प्रभावित परिवार अपनी भूमि का मुआवजा और निर्धारित अनुदान की राशि लेने के बाद भी भ्रमित होकर भूमि के बदले भूमि की माँग करते हुए जलाशय क्षेत्र से हटे नहीं हैं। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय के आदेशानुसार जिन विस्थापित परिवारों ने स्वेच्छा से मुआवजे की राशि बैंकों से आहरित नहीं की है केवल उन्हें ही भूमि के बदले भूमि की माँग करने की पात्रता हैए अन्य को नहीं। राज्य शासन ने आंदोलनरत परिवारों से अपील की है कि वे इन तथ्यों के प्रकाश में ही अपने आंदोलन के औचित्य का आंकलन करें। राज्य सरकार डूब प्रभावितों की हर.संभव मदद के लिये तैयार है। प्रभावित ग्रामीणों ने अपनी बातें खुल कर मंत्री द्वय के सामने रखीं। मंत्री द्वय ने कहा कि वे आज ही लोगों की भावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत करवा देंगे। उनका प्रयास होगा कि प्रभावितों की माँगों पर समग्र रूप से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए।

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