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रविवार, 9 सितंबर 2012

कौशल विकास से युवाओं को उपलब्ध होगा रोजगार . चौहान



भोपाल। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कौशल विकास कर प्रदेश के प्रत्येक नौजवान को रोजगार उपलब्ध कराना है। जो उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं उन्हें आवश्यक सुविधायें मुहैया करायी जाएंगी पर अर्थहीन शिक्षा के बजाय कौशल उन्नयन का कार्य मिशन के रूप में किया जायेगा। विश्व में चीन का उदाहरण है जिसने कौशल उन्नयन कर युवाओं को रोजगार देने में क्रांति की है। मध्यप्रदेश में भी हर गाँव.शहर के युवा प्रशिक्षित होकर रोजगार प्राप्त करेंगे।श्री चौहान आज यहाँ कमिश्नर.कलेक्टर काँफ्रेंस में कौशल विकास के बारे में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा अगले साल तक प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में कम से कम एक कौशल विकास केन्द्र होगा।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आधुनिक उद्योगों की आवश्यकता और परम्परागत कारीगर और दस्तकारों के कौशल विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। यह आवश्यक है कि प्रत्येक जिले का कौशल विकास केन्द्र और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान व्यवस्थित रूप से संचालित हो। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिये आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता में कमी नहीं आएगी।बैठक में अपर मुख्य सचिव श्रीमती अजिता वाजपेयी पांडे ने कौशल उन्नयन कार्यक्रम की आवश्यकता और संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत वर्ष 2010 से 2030 के दशक में दुनिया में सबसे युवा श्रम शक्ति सम्पन्न देश होगा। इस अवसर का उपयोग करने के उद्देश्य से कौशल उन्नयन का व्यापक कार्यक्रम शुरू किया गया है।उन्होंने बताया कि औपचारिक और अनौपचारिक दोनों ही क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और प्रमाणीकरण की व्यवस्था की जा रही है। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत 25 विभाग शामिल किए गए हैं। वन विभाग द्वारा बाघ संरक्षित क्षेत्रों के युवाओं के कौशल उन्नयन का व्यापक कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा कम्यूनिटी कॉलेज ट्रेनिंग की नई योजना बना रहा है। इसके वैधानिक प्रावधान किए जा रहे हैं। प्रारंभिक स्तर पर यह योजना 100 कॉलेजों में शुरू होगी। उन्होंने बताया कि विभाग एक पोर्टल प्रारंभ कर रहा है जिसमें प्रशिक्षण के ट्रेडए प्रशिक्षणार्थी संख्या और उनके नियोजन संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी।बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने रोजगार की संभावनाओं वाले नये क्षेत्रों को चिन्हित कर उनके प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने का सुझाव दिया। कृषि राज्य मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने आयातित मशीनों के उपयोग की प्रभावी व्यवस्था का सुझाव दिया। कलेक्टर टीकमगढ़ए श्योपुरए सिवनीए बैतूलए होशंगाबाद और कटनी द्वारा योजना के संबंध में उपयोगी सुझाव दिये गये।कलेक्टरों से कहा गया है कि स्थानीय उद्योगों एवं राज्य की मांग अनुसार कौशल विकास कार्यक्रम का संचालन करें। कौशल उन्नयन को उनकी कार्य प्राथमिकताओं में शामिल करें। योजना के तहत आईटीआई विहीन विकासखण्डों में आईटीआई स्थापना के लिये भूमि उपलब्ध करवायें। निजी ट्रेनिंग प्रोवाइडरों को योजना में शामिल होने के लिये गतिशील करें।

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