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रविवार, 9 सितंबर 2012

प्रदेश में बनेगा शहरी स्वास्थ्य मिशन बनेगाःशिवराज





 भोपाल। प्रदेश में शीघ्र ही शहरी स्वास्थ्य मिशन कार्य प्रारंभ करेगा। ग्रामीण क्षेत्र में आशा कार्यकर्ता की तरह शहरों में आठ हजार ऊषा कार्यकर्ता कार्य करेंगी। सभी जिलों में डायलिसिस केन्द्र खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निजी नर्सिंग होम्स के नियमन के लिये कानून बनाने की आवश्यकता भी प्रतिपादित की। श्री चौहान आज कलेक्टर.कमिश्नर कान्फ्रेंस के दूसरे दिन स्वास्थ्य संबंधी सत्र को संबोधित कर रहे थे।
श्री चौहान ने संभागीय आयुक्तों को संभागीय मुख्यालय वाले अस्पताल और जिला कलेक्टरों को जिला अस्पताल को आदर्श अस्पताल बनाने की व्यवस्थाओं को सीधे स्वयं देखने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि कुछ जिला कलेक्टरों ने अपने जिलों के अस्पतालों में आमूल.चूल परिवर्तन किये भी हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आपके खड़े होने की देर हैए व्यवस्थाएँ निश्चित रूप से बेहतर होंगी। उन्होंने बरसात के बाद मलेरियाए स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिये भी आवश्यक कदम अभी से उठाने को कहा। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉण् नरोत्तम मिश्रा सहित कई अन्य मंत्रीगण उपस्थित थे।प्रारंभ में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष पहल के तहत 51 हजार से अधिक ग्राम आरोग्य केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं। इन केन्द्रों में मौसमी बीमारियोंए बुखार आदि की दवाएँ उपलब्ध करवायी गयी हैं।केन्द्रों में एण्एनण्एमण्ए आँगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा संयुक्त रूप से दायित्व निर्वहन किया जा रहा है। प्रत्येक बारह ग्राम को एक सेक्टर बनाकर एक चिकित्सक को प्रभार दिया गया हैए जो अपने क्षेत्र में निरंतर भ्रमण कर जन.स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रखते हैं। प्रदेश में साढ़े पाँच हजार सेक्टर बनाये गये हैं। जिला स्तर पर डायलिसिस सुविधा के प्रयास किये जा रहे हैं। थैलेसीमिया और सिकिलसेल एनीमिया के उपचार की शुरूआत भी जिला स्तर पर की जा रही है। देश में शिशु और मातृ मृत्यु दर के मामलों में तेजी से कमी लाने के लिये संस्थागत प्रसव पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश में विभिन्न श्रेणियों के स्वास्थ्य केन्द्रों के दो हजार भवनों का निर्माण चल रहा है। प्रदेश के सभी 50 जिलों में स्वास्थ्य शिविर लगाने का निर्णय लिया गया है।कान्फ्रेंस में जननी सुरक्षाए राज्य बीमारी सहायता और मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना का लाभ रोगियों को अधिक से अधिक संख्या में दिलवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कांफ्रेंस में स्वास्थ्य से जुड़े मामलों पर विभिन्न मंत्रियों ने भी सुझाव दिये। सर्वश्री गोपाल भार्गवए श्री अजय बिश्नोई और श्रीमती रंजना बघेल ने क्रमशः नेत्र शिविरों के आयोजनए डायग्नोस्टिक केन्द्र की व्यवस्था और ग्राम स्तर पर प्राथमिक उपचार के साथ ही अन्य रोगों के इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने की बात कही। विभिन्न कमिश्नरों.कलेक्टरों ने भी अन्य उपयोगी सुझाव दिये।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जिस तरह उज्जैन संभाग में संभागायुक्त की पहल पर गत माह कैन्सर रोग निवारण शिविर लगाया गयाए उसी तरह अन्य जिलोंए संभागों में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के लिये शिविर लगाये जायें। कान्फ्रेंस में कमिश्नर उज्जैन ने जानकारी दी कि उज्जैन के कैन्सर रोग निवारण शिविर में लगभग 25 सौ लोगों का परीक्षण किया गया। रोग की पहचान के पश्चात उपचार के साथ ही 42 ऑपरेशन भी किये गये। मुख्य सचिव श्री आरण् परशुराम ने भी सत्र को संबोधित किया।

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