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गुरुवार, 6 सितंबर 2012

प्रदेश पर इंद्रदेव ज्यादा ही मेहरबान , 40 मरे



   भोपाल।  जुलाई का महीना पूरी तरह सूखा गुजारने वाले इंद्रदेव अब प्रदेश पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हैं। आलम यह कि  आज की स्थिति में प्रदेश के 50 जिलों में से 18 में सामान्य से अधिक व 29 में सामान्य बारिश हो चुकी है। बीते 24 घंटों में ही प्रदेश में करीब 40 मिमी.वर्षा रिकार्ड की गई। तेज बारिश के चलते इंदौर,खंडवा, बुरहानपुर, होशंगाबाद,हरदा व कुछ अन्य जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। लोग बाढ में फंसे। खंडवा जिले की खालवा तहसील में ही आदिवासी वनग्राम संुदरदेवा के करीब डेढ सौ घर बाढ में घिर गए। इन्हंे राहत शिविरों में ठहराना पडा। प्रशासन का दावा है कि उसने आवना नदी में अचानक बाढ आने पर 94 लोगों की जान बचाई। सरकारी जानकारी के अनुसार ही बारिश से अब तक 40 लोगो  के मारे जाने व 352 पशुओं के असमय काल के गाल में समां जाने के समाचार हैं। राज्य में अब तब कुल 893.8 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। अधिकांश जलाशय लबालब हैं। इसके चलते तवा, बारना,भदभदा आदि बांधों के गेट अब तक आधा दर्जन से अधिक बार खोले जा चुके हैं। राजधानी भोपाल में भी रुक.रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। शहर की बडी झील लबालब हो चुकी है। एक पखवाडे पहले तक सूखे की मार झेल रहे आदिवासी बहुल जिला धार में भी बीते एक सप्ताह से झमाझम बारिश हो रही है।इसके चलते यह जिला भी सामान्य बारिश की श्रेणी में आ चुका है। कमोवेश यही स्थिति डिंडोरी,उमरिया व बडवानी की है। बीते 24 घंटों के दौरान सर्वाधिक 22 सेमी बारिश खंडवा जिले में हुई। मालवांचल के रतलाम में भी झमाझम बारिश हुई। इसके चलते उज्जैन से पश्चिमी मप्र को जाने वाली अनेक टेन रदद करनी पडी।
राहत की उम्मीद
  मौसम विभाग की माने तो मानसून का रुख अब गुजरात की ओर है और इससे प्रदेश के वाशिंदों को कुछ दिन के लिए बारिश से राहत मिल सकती है। राज्य में मानसून कमजोर पड गया है। 


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