खर्राटों की समस्या से कैसे पाएं छुटकारा-
और इसे केवल शोर से होने वाली परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।'
खर्राटे आने के पीछे कुछ बेहद सिंपल कारण होते हैं जिन्हें कुछ बदलाव कर जैसे- सोते वक्त करवट लेना या शराब के सेवन की आदत में बदलाव कर, दूर किया जा सकता है।'
- टॉन्सिल या ऐडिनॉयडस का बड़ा होना
- नाक के साईनस में जमाव
- नाक की झिल्ली का टेढ़ा होना
- नेजल पालिप्कस
5. कुछ कारण इस प्रकार हो सकते हैं:
- पीठ के बल सोना, जिससे जबान पीछे गिरकर सांस की नली को बाधित कर देती है।
- उम्र बढ़ने के साथ गले की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं।
- शराब या ट्रैंक्विलाइजर, दर्दनिवारक या सेडेटिव्स जैसी दवाएं, दिमाग में तनाव पैदा करती हैं और मांसपेशियों को कमजोर कर देती हैं।
6. खर्राटों के कारणों का पता लगाएं और उनके इलाज के लिए उचित कदम उठाएं:
- एक करवट पर सोने से जीभ सांस को बंद नहीं करती, जिससे खर्राटे रोकने में मदद मिलती है।
- खर्राटों से बचने के लिए विशेष तकिया बनाया जा सकता है। इसमें गर्दन वाला हिस्सा सिर वाले हिस्से की तुलना में उभरा हुआ होता है, जिससे गर्दन को सहारा मिलता है और खर्राटे रुकते हैं।
- अगर आपका वजन ज्यादा है तो उसको कम करें। खासतौर पर पेट का वजन।
- धूम्रपान छोड़ें इससे नाक की झिल्ली और गले में जलन होती है।
- अगर आप नकली दांत लगाते हैं तो सोते समय उन्हें उतार दें।

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