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रविवार, 7 जनवरी 2018

गलत सांगत में पड़ी कुतिया का पुलिस अफसर ने यूटेरस ही निकलवा दिया

भोपाल।  केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में डीआईजी स्तर के एक पुलिस अधिकारी को अपनी पालतू फीमेल डॉग का गली के अवारा कुत्तों से मेटिंग इतनी नगवार गुजरी, कि उन्होंने  इसका यूटेरस ही निकलवा दिया। कुतिया के गर्भ में आठ पिल्ले पल रहे थे,इनकी  करीब दस दिन में डिलीवरी होनी थी। 

सूत्रों के  मुताबिक, सीआरपीएएफ बंगरसिया में पदस्थ डीआईजी भोपाल सर्किल विजय कुमार ने अपने निवास  पर ‘पग’ नस्ल की फीमेल डॉग पाली है। करीब डेढ़ माह पूर्व इसकी स्ट्रीट डॉग से मेटिंग होने के बाद वह गर्भवती हो गई थी। यह बात कुमार को पसंद नहीं आई। वह कुतिया को लेकर शुक्र वार को  जेल रोड स्थित राज्य पशु चिकित्सालय पहुंचे । उन्होंने इसके गर्भवती होने की वजह बताते हुए  उसका गर्भपात करने के लिए कहा। 

बताया जाता है,कि कुतिया को करीब 50 दिन का गर्भ था। उसके गर्भ में  8 पिल्ले थे जो बड़े हो चुके थे और इनकी डिलीवरी भी नजदीक थी। इसे देखते हुए अस्पताल के चिकित्सकों ने गर्भपात से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि इससे डॉग की जान भी जा सकती है। इधर,चिकित्सकों की न-नुकु र पर  कुमार ने पुलिसिया रौब दिखाना शुरू कर दिया। इसके बाद दबाव में आए चिकित्सकों ने उसका यूटेरस ही निकाल फेंका। इस आॅपरेशन को डॉ. एस के तुमड़िया ने अंजाम दिया। इस संबंध में अस्पताल के प्रमुख व आॅपरेशन को अंजाम देने वाले चिकित्सक अब गोलमोल बाते कर रहे हैं। 

 यह अमानवीय बर्ताव
चैरेटिबल वेलफेयर सोसायटीज फॉर ह्यूमन काइंड एंड एनिमल्स की अध्यक्ष नीलम कौर के मुताबिक, यह फीमेल डॉग व उसके गर्भस्थ पिल्लों के साथ अमानवीय बर्ताव है। फीमेल डॉग की डिलीवरी होने के बाद उसके बच्चों का किसी को गोद दिया जा सकता था। इसके अलावा मेटिंग का पता चलते ही उसे गर्भधारण से रोकने के लिए इंजेक्शन भी लगवाए जा सकते थे। यदि ऐसा हुआ है तो यह पशु क्रूरता अधिनियम का उल्लंघन है।  इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। इस मामले की शिकायत पीपुल्स फॉर एनीमल की अध्यक्ष मेनका गांधी से भी की जाएगी।  
                                   
 **  हमने डीआईजी को समझाया था,लेकिन वह नहीं माने तो उनसे लिखित में लेने के  बाद ही आॅपरेशन करने की अनुमति दी।                                         डॉ. एच एल साहू उप संचालक एवं प्रभारी राज्य पशु  चिकित्सालय

 **  आॅपरेशन क्यों किया यह मैं नहीं बता सकता। मैंने डॉ.साहू को बता दिया है,आप उनसे बात कर लीजिए।
                                                      डॉ.एसके तुमड़िया सर्जन राज्य पशु चिकित्सालय 

 

**  इस मामले में सीआरपीएफ भोपाल सर्किल के डीआईजी विजय कुमार से भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। पहले तो उन्होंने फीमेल डॉग का आॅपरेशन करवाने की बात पर हां कहा,लेकिन जैसे ही वजह पूछी गई तो फोन डिसकनेक्ट कर मोबाइल फोन स्विच आॅफ कर दिया। 
  

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Ditulis Oleh : Janprachar.com Hari: 8:35 pm Kategori:

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