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रविवार, 22 अक्टूबर 2017

बांधवगढ़ में बाघिन का शिकार

भोपाल। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अंदर फिर एक बाघिन का शिकार हो गया है। इसमें पार्क प्रबंधन को सिर्फ बाघिन की हड्डियों का ढांचा मिला है। प्रबंधन को बाघिन के तीन शावक भी मिले हैं, जिन्हें इनक्लोजर (विशेष बाड़े) में रखकर पाला जा रहा है। पिछले 10 महीने में पार्क में छह बाघ मर चुके हैं। प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हड्डियों का डीएनए टेस्ट भी कराने का फैसला हुआ है।

पार्क की ताला रेंज में पांच दिन पहले 11-11 माह के तीन शावक लावारिस घूमते पाए गए थे। सर्चिंग के दौरान प्रबंधन को उस क्षेत्र में हड्डियों को ढांचा मिला। प्रारंभिक जांच में यह हड्डियां बाघिन की पाई गई हैं। इसके बाद तीनों शावकों को रेस्क्यू कर इनक्लोजर में रखा गया है।

ताकि दूसरे बाघ या अन्य मांसाहारी जानवर के हमले में उन्हें नुकसान न हो। प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी शिकार की पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन वे इससे इनकार भी नहीं कर रहे। उनका कहना है कि ये शिकार भी हो सकता है और आपसी लड़ाई में मौत भी।

बाघिन-शावकों का हो चुका है शिकार 

पार्क में पिछले साल भी शिकार की घटना सामने आ चुकी है। यहां पोखर (पानी की हौज) में जहर डालकर ग्रामीणों ने बाघिन और उसके तीन शावकों को मार डाला था। एक साल के अंदर पार्क की सीमा में शिकार का यह दूसरा मामला है। यहां अप्रैल 2017 में तीन शावकों की भी मौत हो चुकी है। इन्हें संजय दुबरी टाइगर रिजर्व से रेस्क्यू कर पार्क लाया गया था। यहां पार्वो वायरस की चपेट में आने से उनकी मौत हुई।

खुद शिकार कर रहे शावक

तीनों शावक 11-11 माह के हैं। बाघिन ने उन्हें शिकार के गुर भी सिखा दिए हैं। इसलिए दूसरे बाघ और मांसाहारी जानवरों से बचाने के लिए तीनों को इंक्लोजर में छोड़ दिया है। वहीं उन्हें चीतल के शावक शिकार के लिए दिए जा रहे हैं।

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Ditulis Oleh : Janprachar.com Hari: 9:12 pm Kategori:

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