रवि अवस्थी,भोपाल। स्कूली शिक्षा में व्यवस्था सुधार के लिए मुख्यालय स्तर से दिशा-निर्देशों का भी मैदानी स्कूली शिक्षकों पर असर नहीं हो रहा है। इसके चलते विभाग को अपने आदेशों में बार-बार फेरबदल करना पड़ रहा है।
विभाग ने यूनिफार्म खरीदने के लिए बच्चों के बैंक खाते अद्यतन करने व इसकी जानकारी बैंक को दिए जाने के निर्देश गत मई माह में ही जारी कर दिए थे। इसमें बैंक खाता नंबरों के अलावा बैंक शाखा का कोड भी दर्ज किया जाना था। बताया जाता है कि अनेक विद्यालयों के प्राचार्यो व प्रधानाध्यापकों ने अब तक यह जानकारी बैंक को मुहैया ही नहीं कराई।
बैंक ने विभाग का ध्यान स्कूलों द्वारा दी गई गलत व अप्राप्त जानकारियों की ओर अवगत कराया है। विभाग ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए सभी मैदानी संबंधित शिक्षकों को नए सिरे से उक्त जानकारी अद्यतन करने की हिदायत दी है।
नहीं दी दौरों की जानकारी: विभाग ने बीते माह सभी हाई स्कूल व हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों के प्राचार्यों को नए शिक्षण सत्र में उनके अग्रिम दौरा कार्यक्रम की जानकारी 30 जून तक भेजने की हिदायत दी थी,लेकिन अधिकांश जिलों के मैदानी अफसरों ने इसका पालन नहीं किया। बताया जाता है कि महज रतलाम,सिवनी, सीहोर,रायसेन ,राजगढ़,उज्जैन,शहडोल व धार जिले के शिक्षा अधिकारी ही उक्त जानकारी समय पर मुहैया करा सके। विभाग ने कहा है कि गत 30 जून को वीडियो कांफे्रंस के दौरान भी इस बारे में पुन: निर्देशित किए जाने के बाद जानकारी अब तक न भेजा जाना लापरवाही का द्योतक है। विभागीय दिशा-निर्देशों के पालन को लेकर अगली वीडियो कांफें्रस आगामी 14 जुलाई को सुबह 10.30 बजे रखी गई है।
बढ़ाई संविलियन की तिथि: विभागीय निर्देशों के पालन में बरती जा रही हीला-हवाली के चलते अध्यापक संवर्ग के संविलियन का काम भी पूरा नहीं हो सका। विभाग ने इसकी अंतिम तिथि अब 10जुलाई तक बढ़ा दी है। पूर्व में यह तिथि 30 जून तय थी।
समिति गठन के निर्देश: विभाग ने बुधवार को नए दिशा-निर्देश जारी कर सभी प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं में आरटीई एक्ट के तहत प्रबंधन समिति गठित करने के आदेश दिए हैं। इसमें कहा गया कि प्राथमिक शालाओं में इस समिति में 18 सदस्य होगें।
इनमें तीन चौथाई यानी 14 सदस्य बच्चों के अभिभावकों या पालकों में से बनाए जाएंगे। विभाग ने पूर्व आदेश को संशोधित कर सदस्यों की श्रेणी भी तय कर दी है। समिति में वंचित समूह के अभिभावकों में 3 पुरुष व 3 महिलाएं होगीं। इसी तरह कमजोर वर्ग में एक पुरुष 2 महिलाएं व अन्य सदस्यों में 3 पुरुष व 2 महिलाएं सदस्य होगी।

0 comments:
एक टिप्पणी भेजें