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सोमवार, 4 मार्च 2013

राइस मिल हादसा: कांग्रेस विधायकों ने किया बहिष्कार




भोपाल 4 मार्च 2013।  रीवा जिले के ग्राम जुवला में माह भर पहले घटित राइस मिल हादसा व इसमें 10 मजदूरों की मौत का मामला सोमवार को राज्य विधानसभा में गंूजा। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने मांग की कि हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच से लोगो में असंतोष है अत: इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए,लेकिन गृह मंत्री द्वारा विपक्ष की मांग ठुकरा दी।  विपक्षी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही का वहिष्कार कर अपना विरोध जताया।
 यह मामला कांग्रेस के डॉ गोविंद सिंह आरिफ अकील व रामनिवास रावत ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए उठाया। जबकि बसपा विधायक दल के नेता रामलखन सिंह ने इसी मामले में स्थगन की सूचना सदन को दी थी। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि  रीवा कोतवाली थानार्न्तगत ग्राम जावली में निर्माणाधीन उक्त राइस मिल की दीवार गिरने से दस मजदूर मारे गए व 11 घायल हुए। मरने वाले ज्यादातर श्रमिक अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के थे। इनके असामायिक निधन से उनके आश्रित परिजनों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। विपक्षी सदस्यों ने कहा कि उक्त हादसा मिल मालिक महेन्द्र शुक्ला की लापरवाही व सुरक्षा के समुचित उपाय नहीं अपनाए जाने के कारण हुआ। कांग्रेस के श्री अकील ने कहा कि उक्त मिल मालिक की इसी तरह की लापरवाही के कारण पहले भी पांच मजदूर मारे जा चुके हैं। श्री अकील ने कहा कि इस मामले में जारी मजिस्ट्रीयल जांच संतोषजनक नहीं है,लिहाजा सरकार हादसे की जांच या तो सीबीआई से कराए अन्यथा सदन की समिति बना कर इसकी जांच कराई जानी चाहिए । कांग्रेस सदस्य की इस मांग पर गृह मंत्री ने कहा कि प्रक रण की मजिस्ट्रीयल जांच जारी है और इसमें अलग से जांच की कोई आवश्यकता नहीं है। जहां तक कार्रवाई की बात है तो धारा 304 ए के तहत प्रकरण कायम कर ठेकेदार व मालिक  महेन्द्र शुक्ला पिता स्व. इंद्रमणि शुक्ला निवासी अमलिया ,इंजीनियर अनिल सिंह परिहार पिता कौशलेन्द्र प्रताप सिंह निवासी जनता कॉलेज रीवा को गिरफतार भी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्य यदि कुछ नए तथ्य बताते हैं तो उन्हें भी जांच में शामिल कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मृतकों एवं घायलों में कोई बाल श्रमिक नहीं है। मिल मालिक ने नियमानुसार निर्माण के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त की थी। शासन ने हादसे में मृत श्रमिकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए व घायलों को 25 एवं 50 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान नियमानुसार प्रदान की है। श्री गुप्ता ने कहा कि इस घटना को लेकर क्षेत्र में कोई असंतोष व्याप्त नहीं है। कांग्रेस सदस्य शासन के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने सदन से बहिर्गमन कर अपना विरोध जताया।

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