नई दिल्लीआईएएनएस | Feb 6, 2013,।। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को अब लगने लगा है कि दिल्ली में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। शीला दीक्षित ने बुधवार को इस बात को कबूल करते हुए कहा कि दिल्ली की महिलाएं खौफ के साए में हैं। यहां भय बढ़ रहा है। लाजपत नगर में रेप की जिस तरीके से कोशिश की गई मैं चकित हूं। यह घटना हमारे लिए बेहद शर्मनाक है।' शीला दीक्षित ने यह बात मंगलवार को 19 साल की लड़की के साथ बर्बर तरीके से रेप की कोशिश के बाद कही। गौरतलब है नौवीं क्लास में पढ़ने वाली एक लड़की के साथ उसके घर में ही इलेक्ट्रिसिटी कॉन्ट्रैक्टर ने हैवानियत की बर्बर कोशिश की। लड़की ने पुरजोर विरोध किया तो कॉन्ट्रैक्टर ने लड़की मुंह में आयरन रॉड डाल दिया। डर से सहमी लड़की मदद के लिए चिल्लाती रही। हालांकि उस दरिंदे को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं की सुरक्षा के लिए वह हर कदम उठाएंगे जिससे दिल्ली में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करें।
शीला दीक्षित ने कहा कि मेरी सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बेहद संवेदनशील है। हम दिल्ली को महिलाओं के लिए हर हाल में भयमुक्त बनाएंगे। उधर सीपीएम की सीनियर नेता वृंदा करात शीला दीक्षित पर जमकर बरसीं। उन्होंने कहा कि शीला दीक्षित ने सच कहा है लेकिन उनकी जिम्मेदारी क्या है? करात ने कहा कि मुख्यमंत्री सच कहने के बजाय दिल्ली में महिलाओं के लिए भयमुक्त माहौल कायम करें। मुख्यमंत्री सच कहकर अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती हैं। वृंदा करात ने कहा कि दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा केंद्र और राज्य के बीच राजनीतिक फुटबॉल की तरह है। दिल्ली की मुख्यमंत्री पुलिस को ब्लेम करती हैं और केंद्र सरकार दिल्ली पुलिस का बचाव करती है।

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