भोपाल। कांग्रेस विधायक सुश्री कल्पना परुलेकर ने पेंशन जांच आयोग की रिपोर्ट विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन के पटल पर नहीं रखे जाने पर राजभवन के समक्ष धरना देने की चेतावनी दी है। सुश्री परुलेकर ने राज्यपाल रामनरेश यादव पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व उनकी सरकार को संरक्षित करने का आरोप भी लगाया। सुश्री परुलेकर ने शुक्र वार को राज्यपाल श्री यादव से मुलाकात कर उनसे आयोग की रिपोर्ट पर कार्रवाई करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद भी मंत्रिमंडल की उपसमिति से इसका परीक्षण कराया जाना औचित्यहीन है। उन्होंने कहा कि परीक्षण की भी एक समय सीमा तय होना चाहिए लेकिन परीक्षण के नाम पर सरकार विधवाओं की पेंशन हड़पने वाले दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है। सुश्री परुलेकर ने राज्यपाल से कहा,कि वह पहले भी इस बारे में उनसे मुलाकात कर ज्ञापन सौंप चुकी है,लेकिन राजभवन सचिवालय की ओर से इस दिशा में कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि आगे भी राजभवन का यही ढुलमुल रवैया रहा तो वह 30 जनवरी के बाद बिना कोई सूचना दिए राजभवन के समक्ष धरना देगी। इसके लिए उन्हें जेल ही क्यों न जाना पड़े। ज्ञात हो कि बीते शीतकालीन सत्र के दौरान भी सुश्री परुलेकर व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने राज्यपाल से मुलाकात कर उनसे पेंशन घोटाले मामले में कार्रवाई कराए जाने की मांग की थी। इस घोटाले में इंदौर के तत्कालीन महापौर व वर्तमान में वाणिज्य व उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर गंभीर किस्म के आरोप लगे हैं।घोटाले की जांच के लिए राज्य सरकार ने पहले आयोग बनाया, सालों की जांच के बाद आयोग की रिपोर्ट आई तो उसे परीक्षण के नाम पर उक्त उपसमिति को सौंप दिया गया। इस तरह राज्य मंत्रिमंडल के एक वरिष्ठ सहयोगी को बचाने में राज्य शासन ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।


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