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गुरुवार, 17 जनवरी 2013

विदिशा को कल मिलेगी एक और सौगात, संजय सागर मध्यम परियोजना पूर्ण





40 गाँव के 17 हजार 807 हेक्टेयर क्षेत्र में होगी सिंचाई
भोपाल। प्रदेश में सिंचाईं रकबा बढ़ाने के लिए चल रही मुहिम के तहत विदिशा जिले की शमशाबाद तहसील की संजय सागर मध्यम परियोजना पूर्ण कर ली गई है। करीब 24 साल पहले 1988 में मंजूर हुई इस परियोजना का लोकार्पण मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान शनिवार 19 जनवरी को करेगें। वाह नदी पर स्थापित इस परियोजना के पूर्ण होने से 40 गाँव का 17 हजार 807 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित हो सकेगा। इसमें 9338 हेक्टेयर क्षेत्र रबी और 8409 हेक्टेयर खरीफ का है।

परियोजना का सफर

जिला मुख्यालय से तकरीबन 60 किलोमीटर दूरी पर एवं शमशाबाद तहसील से 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है वाह नदी । इस नदी पर मध्यम परियोजना के निर्माण की प्रशासकीय स्वीकृति तत्कालीन राज्य सरकार ने आज से लगभग 24 साल पहले 30 अक्टूबर 1988 को प्रदान की थी। परियोजना की स्वीकृति और पूर्ण होने तक की अवधि के बीच परियोजना की लागत में बढ़ोत्तरी होती रही पर वास्तविक रूप से कार्य में प्रगति परिलक्षित नहीं हुई। मुख्यमंत्री  की मंशा के अनुरूप परियोजना के लिये जल-संसाधन मंत्री जयंत मलैया ने 06 दिसम्बर 2010 को 250 करोड़ 33 लाख रुपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद परियोजना का विधिवत और सतत रूप से कार्य शुरू हुआ। परियोजना के जरिये वर्ष 2012-13 में अभी तक 4000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाकर क्षेत्रीय किसानों को प्रतिफल दिया जा चुका है। मध्यम परियोजना के बाँध का उच्चतम स्तर 453.20 मीटर है। पूर्ण जल-स्तर का मानक 448.20 मीटर रखा गया है। बाँध की कुल भण्डारण क्षमता 86.40 मिलियन घनमीटर और पूर्ण जल-स्तर का फैलाव 1956 हेक्टेयर में होगा। बाँध की कुल लम्बाई 1590 मीटर रखी गई है। बाँध में कुल 12 गेट स्थापित किये गये हैं।
डूब में आए 21 गांव,मिला मुआवजा
इस मध्यम परियोजना को पूर्ण किये जाने में 1956 हेक्टेयर वन भूमि और 1202 हेक्टेयर निजी भूमि डूब में आई। डूब क्षेत्र में आए कुल 21 गाँव में से 02 गाँव हिनौतिया घाट और रजपुरा पूर्णत: और शेष 19 गाँव आंशिक रूप से प्रभावित हुए। इन सभी गाँव के रहवासियों को मुआवजा वितरित किया जा चुका है। इसके साथ ही ग्राम डगरवारा और लाड़पुर में पुनर्बसाहट के लिए भू-खण्ड भी आवंटित किये जाने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं।

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