जयपुर: भविष्य की राह तलाशने और आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जयपुर में आज से तीन दिवसीय कांग्रेस का चिंतन शिविर शुरू हो गया है.
कांग्रेस के चिंतन शिविर में सोनिया गांधी ने कहा है कि पार्टी को आत्मचिंतन करने की जरूरत है. सोनिया गांधी ने माना है कि कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है और सरकार की नीतियों को राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पा रहा है.
सोनिया गांधी ने ये भी कहा कि सरकार की नीतियों और सहयोगी पार्टियों के बीच संतुलन की जरूरत है.
कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगने को स्वीकार करते हुए कहा, "कांग्रेस इकलौती पार्टी है जो सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास को एक सिक्के के दो पहलू मानती है. देश के सबसे अहम पार्टी होने के बावजूद हमें समझना होगा कि चुनौती बढ़ रही है और हमारे पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है.
भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर मिडिल क्लास की नाराज़गी को लेकर सोनिया ने कहा, "जनता सार्वजनिक जीवन में ऊंचे स्तर पर जो भ्रष्टाचार देखती है और उसे रोज़ाना जिस भ्रष्टाचार से जूझना पड़ता है उससे तंग आ चुकी है. हमें इन हालात को समझना होगा. हम तेज़ी से बढ़ रहे पढ़े लिखे मिडिल क्लास का राजनीतिक क्लास से मोह भंग नहीं होने दे सकते."
सोनिया ने सरकार की नीतियों और सहयोगियों के बीच संतुलन की बात कही है. हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ किया कि गठबंधन के इस दौर पर भी कांग्रेस को अपने आदर्शों पर समझौता नहीं करना चाहिए.
दिल्ली गैंगरेप की घटना, जिसने देश के मानस को झकढोर दिया था, के बीच महिलाओं सोनिया ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचारों पर भी चिंता जताते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं देश के लिए शर्म हैं.
सोनिया गांधी ने विदेश नीति पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय विकास के लिए पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते जरूरी हैं. पाकिस्तानी सेना के जरिए दो भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्या पर उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि सभ्य समाज में बातचीत ही स्वीकार सिद्धांत हैं.
मुख्य अंश
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आधिकारिक भाषण से शिविर की औपचारिक शुरुआत हुई. सोनिया के भाषण के मुख्य अंश इस तरह हैं:
- हमने पिछले नौ सालों में काफी आर्थिक विकास किया.
- हमने कई गंभीर चुनौतियों का भी सामना किया है.
- किसानों के हितों को ध्यान में रखा.
- मनरेगा के जरिए रोजगार दिया.
- आर्थिक विकास, समाजिक न्याय पर बराबर ध्यान दिया है.
- देश का बड़ा हिस्सा अभी भी पिछड़ा है.
- सत्ता में रहना मकसद नहीं, लेकिन कुछ राज्यों में सत्ता से बाहर रहने पर मनोबल पर असर पड़ा है.
- हमारे पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगी है.
- गठबंधन में आदर्श से समझौता नहीं.
- महिलाओं के खिलाफ अत्याचार शर्म की वजह.
- विदेशी नीति का मकसद हमेशा एक खास जगह हासिल करना है.
- क्षेत्रीय शांति के लिए पड़ोसियों से अच्छे रिश्ते जरूरी.
- पडोसियों से बातचीत हमेंशा सभ्य व्यवहार के साथ हो.
पृष्ठभूमि
पार्टी की दशा और दिशा तय करने के मकसद से जयपुर में कांग्रेस का चिंतन शिविर हो रहा है.
अपनी तीसरे चिंतन शिविर के लिए कांग्रेस ने जयपुर के बिरला प्लैनिटोरियम का चयन किया है. सोनिया गांधी के अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी भी अपनी बात रखेंगे. शिविर में नेता पांच ग्रुप में अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे.
19 जनवरी को कांग्रेस कार्यसमिति में पांचों समूह के निष्कर्ष पर चर्चा होगी. इसके बाद कांग्रेस बयान जारी कर ये बता सकती है कि आगे क्या हो सकता है.
20 जनवरी को एआईसीसी का सम्मेलन होगा. माना जा रहा है कि इस बार की चिंतन बैठक में यूपीए की नीतियों, खासकर आर्थिक नीतियों पर चर्चा के साथ ही अहम फैसले हो सकते हैं.


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