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गुरुवार, 6 सितंबर 2012

मप्र ने एमडीएमके प्रमख की अपील ठुकराई




सांची बौद्ध  विवि स्थापना समारोह/तीन दिवसीय महोत्सव 21 से/श्रीलंका राष्ट्रपति समेत अनेक देशों के लोग आएंगे
 भोपाल। सांची में बौद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंद्रा राजपक्षा को आमंत्रित करने के मामले में राज्य शासन ने तमिलनाडू के एमडीएमके प्रमुख वाइको की आग्रह को ठुकराते दिया है। श्री राजपक्षा यहां सांची में 21 सितंबर से शुरु हो रहे तीन दिवसीय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि भाग लेंगे। इसकी सभी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। ज्ञात हो कि श्री वाइको ने श्रीलंका में तमिलों की दुर्गति को देखते हुए राज्य शासन से सांची के कार्यक्रम में श्री  राजपक्षा को आमंत्रित नहीं किए जाने की अपील की थी। इस समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति के अलावा भूटान के प्रधानमंत्री जिगमे थिनले  व ब्रिटेन, फ्रांस, नीदरलैंड, वियतनाम, चीन, इस्राइल, मिश्र, इंडोनेशिया एवं जापान आदि देशों के अध्येता और दार्शनिक सम्मिलित होंगे। इसी सिलसिल में राज्य के मुख्य सचिव आर. परशुराम ने तैयारियों की समीक्षा की। बौद्ध विश्वविद्यालय के लिए 21 सितंबर को भूमि पूजन व अगले दो दिन  धर्म-धम्म सम्मेलन होगा।  यह समारोह प्रदेश के संस्कृति विभाग एवं सेंटर फॉर द स्टडी आॅफ रिलीजन एंड सोसाइटी, नई दिल्ली तथा महाबोधि सोसायटी, श्रीलंका द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। रायसेन जिले में स्थित सांची  विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यहां स्थापित होने वाले  विश्वविद्यालय का नाम साँची यूनिवर्सिटी आॅफ बुद्धिज्म रखने पर सहमति हुई है। बताया जाता है,कि महात्मा बुद्ध  ने यहीं ज्ञान प्राप्त किया था। इसे 26 सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य शासन  ने यह महोत्सव आयोजित करने का निर्णय लिया है। इसकी तैयारियां करीब साल भर से की जा रही हैं।
 ---- श्री राजपक्षे को पहले से आमंत्रित किया हुआ है, और उन्होेंने सांची समारोह में भाग लेने की स्वीकृति भी दे दी है। राज्य शासन ने मुझे जो काम सौंपा है। उसे पूरा करना मेरा दायित्व है, किसने क्या अपील की मुझे इसकी जानकारी  नहीं, न ही किसी अतिथि के कार्यक्रम में कोई बदलाव हुआ है। श्री राम तिवारी ,संचालक संस्कृति संचालनालय मप्र 


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