रतलाम / बड़ावदा। चैत्र नवरात्र समापन पर सटीक भविष्यवाणी के लिए पहचाने जाने वाले गोठड़ा में महिषासुर मर्दिनी माताजी मंदिर के पंडा का दावा है कि आने वाले साल में देश में बारिश जोरदार रहेगी। राजनीति में उठपटक तो होगी लेकिन देश का 'राजा' नहीं बदलेगा। रतलाम जिला मुख्यालय से करीब 47 किमी ग्राम गोठड़ा में पंडाजी नागूलाल गायरी ने सोमवार दोपहर मलेनी नदी के तट पर हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में भविष्यवाणी की।

ये हैं प्रमुख भविष्यवाणी
*देश का राजा वही रहेगा।
*राजनीति में उठापठक होगी।
*वर्षा अच्छी होगी।
*फसलें अच्छी होंगी। ओलावृष्टि से इन्हें कहीं-कहीं नुकसान होगा।
*भूकंप आएगा, आधी-तूफान खूब आएगा, ठंड पड़ेगी।
* जेठ में गर्मी से लोगों की हालत खराब होगी और महामारी की चपेट में आएंगे।
*अग्नि का प्रकोप खूब होगा
* व्यापार-व्यवसाय में तेजी होगी।
* सोयाबीन और लहसुन में तेजी रहेगी।
*सोना-चांदी में भी तेजी-मंदी होगी।
*गांव-गांव में हवन करने का आह्वान किया।
यह भविष्यवाणी वर्षभर में एक बार चैत्र सुदी नवमी को होती है। किसान भविष्यवाणी सुनकर भूमि जोतने का शुभ मुहूर्त भी लेते हैं। इसके पहले नौ चंडीय, पंच कुंडीय महायज्ञ की पूर्णाहुति हुई। महाआरती उतारी गई। बाद में माताजी के दरबार से जवारे का चल समारोह निकला, जो मलेनी नदी तट पहुंचा। नदी में जवारे विसर्जित किए गए। बाद में माताजी के पुजारी पंडाजी नागूलाल गायरी द्वारा वर्ष में घटने वाले घटनाक्रमों की भविष्यवाणी की।
113 साल से हो रही भविष्यवाणी
गोठड़ा माताजी की भविष्यवाणी मलेनी नदी तट पर 113 वर्ष पूर्व शिवलिंग चबूतरे से क्वांर की नवरात्रि में दोला गायरी के माध्यम से प्रारंभ हुई। बाद में पंडा लक्ष्या गायरी के माध्यम होती रही। पंडा पूना गायरी के समय से माताजी की भविष्यवाणी चैत्र माह में प्रारंभ हुई।
इनके बाद कहा जाता है कि पंडा नागूजी तारोद के शरीर में माताजी प्रकट हुई और भविष्यवाणी सुनने वालों का तांता लगने लगा। बाद में रामचंद्र गायरी के माध्यम से भविष्यवाणी मीडिया के माध्यम से विख्यात होती रही। वर्तमान में पंडा नागूलाल गायरी बाल्य अवस्था से ही माताजी की सेवा कर रहे हैं। वे दो वर्ष से माताजी की भविष्यवाणी कर रहे हैं। माताजी के सभी पंडे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं, लेकिन मान्यता है कि उनकी भविष्यवाणी सटीक रहती है।

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