नईदिल्ली । भाजपा की तर्ज पर कांग्रेस भी अब युवाओं को अधिक अवसर देने के मूड में है। पांच राज्यों में हुए चुनाव व हाल ही में उपचुनावों में अपनी फजीहत देख कांग्रेस मिशन 2019 के तहत अब नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गई है। इसका असर शीघ्र ही राज्य के संगठनों में भी देखने को मिल सकता है। खासकर उन राज्यों में जहां अगले साल चुनाव होना है।
कांग्रेस और भाजपा के संगठनात्मक ढांचे व कार्यशैली में यूं तो जमीन.आसमान का अंतर है। कांग्रेस जहां एक परिवार के छाया तले काम कर रही है। वहीं भाजपा में आंतरिक लोकतंत्र अब भी कायम है,लेकिन पिछले चुनावों में अपनी फजीहत को देखते हुए कांग्रेस में भी अब-- READ MORE

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