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शुक्रवार, 1 मार्च 2013

हर महाशक्ति का सपना है यह जहाज़

दुनिया की हर महाशक्ति का सपना है एक ऐसे जहाज़ का जो हैलीकॉप्टर की तरह खड़े-खड़े ऊपर चला जाए पर उड़ान जेट जहाज़ जैसी भरे. ऐसे जहाज़ कहलाते हैं वर्टिकल टेक ऑफ़ एंड लैंडिंग या वीटीओएल क्राफ्ट. जैसे यह अमरीकी जहाज़ वी-22 या ऑसप्रे. अमरीकी सेना इसका सम्मान इसलिए करती है क्योंकि यह अपेक्षाकृत रूप से जल्दी उड़ान भरता है.ऑस्प्रे के कई साल पहले, लिंग - टेमको-वॉट का दिज़ायन किया हुआ एक्ससी 142ए , जो हैलीकॉप्टर की तरह एक ही जगह से नीचे और ऊपर तो जा ही सकता था साथ ही इसकी रफ़्तार हैलीकॉप्टर से ज़्यादा थी.यह है बैल एक्स - 14, नासा का 1950 के दशक में तैयार किया हुआ प्रोटो टाइप. इसे नासा ने वीटीओएल तकनीक को समझने के लिए तैयार किया था. चांद पर जाने वाले नील आर्मस्ट्रौंग ने चाँद पर उतरने का अभ्यास इसी जहाज़ पर किया था.यह अमरीकी वायुसेना के इस तरह के जहाज़ को बनाने के सर्वप्रथम प्रयासों में से एक है. पिटकैर्न पीसीए-2. ऐसा एक जहाज़ तो व्हाईट हाउस के मैदान पर भी उतरा था.वैसे तो वॉट का वी - 173 जिसे फ़्लाइंग पैनकेक के नाम से भी जाना जाता था वो एक वीटीओएल नहीं था लेकिन दूसरे विश्व युद्ध में इसे छोटी हवाई पट्टीयों से उड़ान भरने के लिए तैयार किया गया था.1950 के दशक में ब्रिटेन की हॉकर सीडले कंपनी ने पी 1127 पर काम शुरू किया, यह ज़हाज़ एक ही जगह पर उतर या चढ़ सकता था या फिर बेहद छोटी हवाई पट्टी पर भे काम कर सकता था.from BBC HINDI NEWS WITH COURTSEY

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Ditulis Oleh : Janprachar.com Hari: 9:54 am Kategori:

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