78 वर्षीय इनेलो प्रमुख ने कहा कि निचली अदालत का आदेश दरकिनार करने लायक है, क्योंकि वह कानून के सिद्धांतों और सबूत के विपरीत है. ज्ञात हो कि पिछले महीने निचली अदालत ने चौटाला, उनके बेटे अजय चौटाला तथा अन्य आठ लोगों को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई थी. इसी मामले में एक दोषी को पांच साल कैद और अन्य 45 को चार साल कैद की सजा सुनाई थी.
निचली अदालत ने चौटाला तथा अन्य को वर्ष 2000 में हरियाणा में 3,206 जूनियर बेसिक ट्रेंड (जेबीटी) शिक्षकों की नियुक्ति गैरकानूनी तरीके से करने का दोषी पाया है. अपील में कहा गया है, 'निचली अदालत ने लोकतांत्रिक तरीके और सामूहिक जिम्मेदारी के सिद्धांत के तहत किए गए कार्य को गलत ठहराया है.
कैबिनेट के फैसले के लिए कोई एक मंत्री नहीं, समूची मंत्रिपरिषद जिम्मेदार है.' अदालत ने प्रथम दृष्टया सबूत को चौटाला और 53 अन्य के खिलाफ पाया था और छह जून 2008 को इन सभी के विरुद्ध आरोप तय किए थे. इन सभी पर भारतीय दंड संहिता तथा भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत आरोप तय किए गए थे.


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